Patna Highcourt News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 'मिशन वात्सल्य' के तहत संविदा बहाली के विज्ञापन की शर्त पर लगाई रोक, बिहार सरकार से मांगा जवाब
Patna Highcourt News : पटना हाईकोर्ट ने 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत संचालित होने वाले बाल देखरेख संस्थानों में संविदा पर नियुक्ति के लिए जारी किए गए विज्ञापन की एक शर्त पर अंतरिम रोक लगा दी है।
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित होने वाले देखरेख संस्थानों में संविदा पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन के शर्तो पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जबाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर जबाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
जस्टिस डॉ अंशुमान की एकलपीठ ने दीपक कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। आवेदक की ओर से अधिवक्ता प्रभाकर सिंह ने कोर्ट को बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से 273 विभिन्न पदों पर बहाली के लिए एक विज्ञापन गत 29 अप्रैल को प्रकाशित किया गया।विज्ञापन में कई शर्ते रखी गई हैं।
लेकिन शर्त सात के अनुसार स्वयसेवी संस्था के माध्यम से चयनित होकर वर्तमान में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित गृहों में कार्यरत कर्मियों को सरकार द्वारा नियोजित नहीं मानते हुए उनके पद को मान रिक्त पदों में शामिल किया गया है।उनका कहना था कि इस शर्त के अनुसार पूर्व से कार्यरत कर्मी को हटा दिया गया और उनके जगह पर किसी अन्य को बहाल किया जायेगा।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि बिहार राज्य बालक/बालिका सुरक्षा समिति द्वारा वृहद आश्रय में कार्यरत कर्मचारी ,जिनकी नियुक्ति प्रारंभ में एन जी ओ द्वारा संचालित बालक बालिका गृह में हुआ था।उन सभी का पद रिक्त मान बहाली के लिए विज्ञापन जारी किया गया। फिलहाल कोर्ट ने उनकी ओर से प्रस्तुत तथ्यों को स्वीकृत करते हुए सरकार से जबाब तलब किया।साथ ही शर्त पर रोक लगा दी। इस मामलें पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद की जाएगी।