Bihar News : पटना हाईकोर्ट में मानसिक रोगियों के इलाज से जुड़ी PIL पर सुनवाई 3 सप्ताह के लिए टली, सड़कों पर घूमते मनोरोगियों को लेकर कोर्ट सख्त

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने राज्य के मानसिक रोगियों की दयनीय स्थिति और उनके समुचित इलाज की व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर होने वाली सुनवाई को तीन सप्ताह के लिए टाल दिया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : पटना हाईकोर्ट में मानसिक रोगियों के इलाज से जुड
सुनवाई टली - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट में राज्य के मानसिक रोगियों की हालत और उनके  इलाज से संबंधित जनहित  याचिका पर सुनवाई तीन सप्ताह  के लिए टली। चीफ जस्टिस मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ द्वारा इस जनहित याचिका पर  सुनवाई की। गौरतलब  हैं कि कोर्ट ने स्वयं संज्ञान  लेते हुए इस मामलें की  सुनवाई प्रारम्भ किया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 23 जून, 2026 को इस मामलें में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।कोर्ट ने कहा था कि केवल  काग़ज़ी योजना  बनाने के साथ उनका असर भी ज़मीन पर दिखना चाहिए। 

कोर्ट ने मानसिक रोगियों की  हालत, उनकी बढ़ती संख्या और बेसहारा मानसिक रोगग्रस्त लोगों को सड़कों पर घूमते रहने पर भी सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को  मानसिक रोगियों के  दशा सुधारने के लिए  ठोस कदम उठाने को कहा। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से  कोर्ट को  बताया गया था कि इन मनोरोगियों के भोजन  और दवाओं पर 1 अक्टूबर, 2025 से खर्च किया जा रहा है। बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सम्बध्द विज्ञान संस्थान द्वारा 144 किस्म की दवाओं को मुफ्त देने संबंधी अधिसूचना दिसम्बर, 2025 में जारी किया गया था। 

कोर्ट को बताया गया था कि आउटडोर मरीजों की संख्या बढी है। 2023 - 24 में नए मरीज़ 15.5 हज़ार मरीज़ आए, वही 2024 - 25 में इनकी संख्या बीस हजार से अधिक हो गयी l टेलीमार्केटिंग हेल्पलाइन से भी सहायता की जाती है। 2022 से  लगभग 36 हज़ार लोगों ने फोन कर लाभ उठाया था। इन मानसिक रोगियो को  प्रशासन और  पुलिस की सहायता से पिछले पांच छह सालों में काफी संख्या में घर पहुंचाया गया था। 2019 -2025 के बीच सौ से अधिक महिला पुरुषों को उनके घर  भेजा गया। 

2026 में कई मनोरोगियों को सफल इलाज के बाद उन्हें घर भेजा गया। वर्तमान संस्थान में 180 बेड हैं। इनमें 100 बेड पुरषों, 60 महिलाओं और 20 कैदियों के लिए रखा गया  हैं। इन्हे बढाने की योजना भी है। कोर्ट ने कहा था कि आम आदमी भी सड़को पर घूमने बाले  मनोरोगियों सूचना चौबीस घंटे चलने टाल फ्री नम्बर पर दे,ताकि उनकी सहायता हो सके। पूर्व में कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई मे देने का निर्देश दिया था।तीन सप्ताह बाद इस मामलें अगली सुनवाई  होगी।