सरकारी बस बनी 'शराब की कैरियर': पुलिस ने 4 लाख की विदेशी शराब के साथ चालक-खलासी को दबोचा
सरकारी बस से शराब तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने रांची से मुजफ्फरपुर जा रही बस की डिक्की से 4 लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में वैशाली के रहने वाले बस चालक और खलासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
Patna - पटना के दनियावां में पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। शराब तस्करों ने अब तस्करी के लिए सरकारी तंत्र में सेंध लगा दी है। पुलिस ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की एक बस से करीब 4 लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद कर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया है।
गुप्त सूचना पर होरीलबिगहा में पुलिस की घेराबंदी
राजधानी पटना के दनियावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि रांची से मुजफ्फरपुर जा रही एक सरकारी बस में शराब की बड़ी खेप छिपाई गई है। थाना अध्यक्ष अनिल प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होरीलबिगहा गांव के पास नाकेबंदी की और बस का इंतजार करने लगे।
सरकारी बस की डिक्की से निकली 282 बोतलें
जैसे ही संदिग्ध बस वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। शुरुआती जांच में तो बस सामान्य दिखी, लेकिन जब डिक्की खोली गई तो पुलिस दंग रह गई। डिक्की के भीतर कुल 6 कार्टूनों में 282 बोतल विदेशी शराब (करीब 211 लीटर) बरामद की गई। जब्त शराब की कीमत बाजार में लगभग 4 लाख रुपये आंकी गई है।
वैशाली के चालक और खलासी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से ही बस को जब्त कर लिया और उसके चालक मनोज सिंह एवं खलासी धर्मजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। सरकारी बस के माध्यम से तस्करी की इस घटना ने परिवहन विभाग की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
'पार्सल थ्योरी' की आड़ में बचने की कोशिश
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि यह सामान उन्हें एक पार्सल के रूप में बुक करके दिया गया था और उन्हें इसके भीतर शराब होने की जानकारी नहीं थी। चालक के अनुसार, उसे यह पार्सल पटना में डिलीवर करना था। हालांकि, पुलिस इस कहानी पर यकीन नहीं कर रही है और इसे तस्करी का एक सुव्यवस्थित तरीका मान रही है।
मुख्य सरगना की तलाश में छापेमारी जारी
दनियावां पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब उस मुख्य शराब माफिया की तलाश कर रही है जिसने रांची से यह माल लोड करवाया था और पटना में इसे रिसीव करने वाला था। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार चालक और खलासी से मिले सुराग के आधार पर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा।
Report - Rajnish