'जुब्बा साहनी विश्वविद्यालय' के गठन का निषाद सेना ने किया स्वागत, मुजफ्फरपुर और पटना में स्मारक व शोध संस्थान की मांग

जुब्बा साहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय' की स्थापना के लिए विधान सभा में विधेयक पारित हो गयाहै। सरकार के इस फैसले का निषाद सेना ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताया है.....

'जुब्बा साहनी विश्वविद्यालय' के गठन का निषाद सेना ने किया स्
'जुब्बा साहनी विश्वविद्यालय' के गठन का निषाद सेना ने किया स्वागत- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : निषाद सेना ने 'जुब्बा साहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय' की स्थापना के लिए विधेयक पारित किए जाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। रविवार को विधान परिषद अतिथिशाला में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन ने इस कदम को स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।


सरकार का निर्णय ऐतिहासिक

निषाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश निषाद ने कहा कि सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय निषाद समाज के गौरव को बढ़ाने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से नई पीढ़ी को महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के संघर्ष और उनके अदम्य साहस से गहरी प्रेरणा मिलेगी।


सीएम सम्राट का जताया आभार, इन दो मांगों को पूरा करने का किया आग्रह

मुकेश निषाद ने सम्राट सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए निषाद समाज की दो अन्य प्रमुख मांगों को भी जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की कि मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर में उपलब्ध चार एकड़ सरकारी भूमि पर 'जुब्बा साहनी स्मृति उद्यान' का निर्माण कराया जाए।


इसके साथ ही, संगठन ने राजधानी पटना में 'जुब्बा साहनी स्मृति भवन एवं शोध संस्थान' की स्थापना की पुरजोर मांग दोहराई। उनका मानना है कि इन संस्थानों के बन जाने से जुब्बा साहनी के जीवन, उनके महान संघर्ष और सामाजिक योगदान पर शोध कार्यों को काफी बढ़ावा मिलेगा तथा उनकी स्मृतियों का दीर्घकालिक संरक्षण हो सकेगा।


इस मौके पर अधिवक्ता विजय चौधरी, राष्ट्रीय अति पिछड़ा संघ के प्रतिनिधि और भाजपा नेता सुनील निषाद सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


नरोत्तम की रिपोर्ट