रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल का नया कीर्तिमान: 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी पूरी, 1000 किमी दूर दिल्ली से हुई पूर्वी भारत की पहली 'टेलीसर्जरी'
पटना स्थित रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। अस्पताल ने दिल्ली से रोबोट का सफल संचालन कर पूर्वी भारत की पहली 'टेलीसर्जरी' को अंजाम दिया
Patna : राजधानी पटना स्थित रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। अस्पताल ने बिहार और झारखंड में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। वर्ष 1996 में अपनी स्थापना के बाद से ही राज्य में पहली बार बिना चीरा लगाए पथरी के इलाज (लिथोट्रिप्सी) जैसी तकनीक लाने वाले इस अस्पताल ने अब रोबोटिक एब्डॉमिनल (पेट संबंधी) और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में यह बड़ी कामयाबी हासिल की है।
'मेड इन इंडिया' मंत्रा रोबोट से इलाज हुआ किफायती
अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो दशकों से दुनिया के विकसित देशों में उपलब्ध रोबोटिक सर्जरी अत्यधिक महंगी होने के कारण आम मध्यमवर्गीय मरीजों की पहुंच से बाहर थी। हालांकि, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव की पहल पर विकसित 'मेड इन इंडिया' SSI MANTRA सर्जिकल रोबोट ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। इस स्वदेशी अत्याधुनिक तकनीक के आने से अमेरिका के 'दा विंची' रोबोटिक सिस्टम की तुलना में ऑपरेशन की लागत घटकर लगभग एक-तिहाई रह गई है, जिससे आम मरीजों के लिए भी यह इलाज सुलभ हो गया है।
दिल्ली से ऑपरेट हुआ पटना में भर्ती प्रोस्टेट कैंसर का मरीज
रुबन हॉस्पिटल ने हाल ही में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दूरी के बंधन को खत्म करते हुए पूर्वी भारत की पहली 'टेलीसर्जरी' (Tele-Surgery) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन के दौरान प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित एक मरीज पटना के रुबन हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर में भर्ती था, जहां अस्पताल के डॉ. अमित ने रोबोट को डॉक किया। वहीं, लगभग 1,000 किलोमीटर दूर देश की राजधानी दिल्ली में बैठे वरिष्ठ ऑन्को-यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमिताभ ने वहां से इस रोबोटिक सर्जरी का रिमोटली संचालन कर मरीज की जान बचाई।
3D विजन और 360 डिग्री आर्म्स से मिली अचूक सटीकता
रोबोटिक सर्जरी के तकनीकी फायदों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि जिस प्रकार कभी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ने ओपन सर्जरी की जगह ली थी, ठीक उसी तरह आने वाला समय रोबोटिक सर्जरी का है। इसकी 3D हाई-डेफिनिशन विज़न तकनीक के जरिए अंदरूनी अंगों, नसों और रक्त वाहिकाओं को बेहद बारीकी और स्पष्टता से देखा जा सकता है। रोबोटिक आर्म्स की 360 डिग्री गतिशीलता (Dexterity) शरीर के सबसे संकरे हिस्सों तक बिना किसी कंपन और थकान के पहुंचती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव बेहद कम होता है और मरीज जल्द ठीक होता है।
दो रोबोटिक सिस्टम वाला बिहार का एकमात्र अस्पताल
वर्तमान में रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल बिहार का इकलौता ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है जहां दो अलग-अलग प्रकार के रोबोटिक सिस्टम क्रियाशील हैं—पहला पेट व अन्य सामान्य जटिल सर्जरी के लिए और दूसरा घुटने व जोड़ों के प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट) के लिए। यहां यूरोलॉजिस्ट, जनरल सर्जन और ऑन्को सर्जन की विशेषज्ञ टीम द्वारा किडनी, लिवर, गॉलब्लैडर, कैंसर और हर्निया जैसी जटिल सर्जरी के साथ-साथ किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट भी नियमित रूप से किए जा रहे हैं, जो राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अभूतपूर्व गौरव की बात है।