Nepal travel rules: नेपाल यात्रा से पहले जान लें ये नियम, वाहन चालकों के लिए बड़ा अपडेट
Nepal travel rules: नेपाल जाने वाले वाहन चालकों के लिए पहचान पत्र और ऑनलाइन वाहन घोषणा प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है।
Nepal travel rules: नेपाल सीमा शुल्क विभाग ने भारत से नेपाल जाने वाले वाहनों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब नेपाल जाने वाले वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना भी जरूरी कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार वाहन चालकों को सबसे पहले क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन अस्थायी वाहन घोषणा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही वाहन से जुड़े जरूरी कागजात और बीमा शुल्क की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
बताया जा रहा है कि इस नए नियम का सबसे ज्यादा असर भिट्ठामोड़ बॉर्डर से रोजाना नेपाल आने-जाने वाले लोगों पर पड़ेगा। सीमा क्षेत्र के लोगों से अपील की गई है कि नेपाल जाने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज और पहचान पत्र साथ रखें ताकि जांच के दौरान परेशानी न हो। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि इन नियमों से व्यापार पर असर पड़ रहा है। व्यवसायी मनीष मलहोत्रा ने कहा कि नए नियमों के कारण कारोबार लगभग ठप होने लगा है। उनका कहना है कि दूसरी तरफ गैर-आधिकारिक रास्तों से सामान का आना-जाना जारी है।
यह काफी सख्त नियम-व्यवसायी
व्यवसायी पुष्पम पासवान ने बताया कि अब भारतीय वाहनों के लिए एक साल में केवल 30 दिन तक भंसार मान्य रहेगा। उन्होंने कहा कि यह काफी सख्त नियम है और इससे लोगों को परेशानी हो सकती है।सीमावर्ती इलाके के कपड़ा व्यवसायी आलोक कुमार झा और मोहन प्रसाद ने भी इन नियमों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और रिश्तेदारों से मिलने जाने वाले लोगों के लिए भी पहचान पत्र जरूरी कर दिया गया है।
व्यापार और पर्यटन दोनों पर पड़ेगा असर
नेपाल जाने वाले लोगों को अब अपने साथ गाड़ी के सभी वैध कागजात रखना अनिवार्य होगा। चाहे वह चार पहिया वाहन हो, बस हो या बाइक। इसके अलावा वाहन चालक और अन्य साथ जाने वाले लोगों का पहचान पत्र भी जरूरी रहेगा। व्यवसायियों का कहना है कि कड़ी जांच और लंबी प्रक्रिया के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नेपाल सरकार से नियमों में कुछ राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि इन सख्त नियमों का असर सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन दोनों पर पड़ रहा है। कई लोग अब अतिरिक्त दस्तावेज और प्रक्रिया के कारण नेपाल जाने से बच रहे हैं।