Bihar Student Protest: 29 जुलाई तक रिहाई नहीं तो 30 को बिहार में महाआंदोलन, पटना पहुंचीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की चेतावनी

: 22 जुलाई के छात्र आंदोलन में गिरफ्तार छात्र नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मिलने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा बेऊर जेल पहुंचीं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि 29 जुलाई तक सभी की रिहाई की जाए, वरना 30 जुलाई को पूरे बिहार में जंतर-मंतर जैसा विशाल आंदोलन

Neha Bora ultimatum Bihar government
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की चेतावनी 29 जुलाई तक रिहाई नहीं तो 30 को बिहार में महाआंदोलन- फोटो : news 4 nation

पटना में 22 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और जनप्रतिनिधियों का हालचाल जानने आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा सोमवार को बेऊर केंद्रीय कारा पहुंचीं। जेल के भीतर उन्होंने बंद छात्र नेताओं, विधायकों और अन्य आंदोलनकारियों से मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने बताया कि बंद छात्रों ने पुलिस कार्रवाई के दौरान अपने साथ हुए दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।


सरकार को अल्टीमेटम: 29 जुलाई तक रिहाई न होने पर 30 को पूरे बिहार में आंदोलन

जेल में बंद समर्थकों से मिलने के बाद नेहा बोरा ने बिहार सरकार को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने 29 जुलाई तक गिरफ्तार छात्रों और जनप्रतिनिधियों की अविलंब रिहाई की मांग की। आइसा अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो 30 जुलाई को पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर जैसी विशाल भीड़ बिहार की सड़कों पर उतारी जाएगी।


जेल प्रशासन से बातचीत और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन

अपनी मुलाकात के दौरान नेहा बोरा ने बेऊर जेल के वरिष्ठ अधिकारियों से भी स्थिति पर चर्चा की। बातचीत के बाद उन्होंने जानकारी दी कि जेल प्रशासन ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि अंदर बंद छात्रों व अन्य लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सभी बंदियों को नियमनुसार आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही हैं।


पत्रकारों पर हमले के सवाल पर नेहा बोरा ने साधी चुप्पी, अजीत कुशवाहा ने की निंदा

प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मियों पर हुए हमलों को लेकर जब पत्रकारों ने नेहा बोरा से सवाल पूछा, तो उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और खामोशी साध ली। दूसरी ओर, छात्र नेता अजीत कुशवाहा ने पत्रकारों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता का सदैव सम्मान होना चाहिए और किसी भी स्थिति में पत्रकारों पर हिंसा या हमला स्वीकार्य नहीं है।