NEET छात्रा कांड और नीलम अग्रवाल :पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल स्थायी रूप से बंद, मालकिन पर लगा सदा के लिए बैन

पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बादशंभू गर्ल्स हॉस्टल को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया हॉस्टल की मालकिन नीलम अग्रवाल का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उन पर भविष्य में किसी भी प्रकार का छात्रावास चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

NEET student scandal and Neelam Agarwal
NEET छात्रा कांड और नीलम अग्रवाल :पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल स्थायी रूप से बंद, मालकिन पर लगा बैन- फोटो : news 4 nation

पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस मुख्यालय ने कड़ी कार्रवाई की है। डीजीपी विनय कुमार के आदेश पर 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हॉस्टल की मालकिन नीलम अग्रवाल का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उन पर भविष्य में किसी भी प्रकार का छात्रावास चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला सुरक्षा मानकों में चूक और गंभीर घटना के मद्देनजर लिया गया है।

बिहार के सभी हॉस्टलों के लिए सख्त पंजीकरण नियम

इस घटना के बाद बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब राज्य में संचालित होने वाले सभी निजी छात्रावासों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र के हॉस्टलों का पूरा विवरण स्थानीय महिला हेल्प डेस्क को देना होगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सके और व्यवस्था की निगरानी बनी रहे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और महिला स्टाफ अनिवार्य

नए नियमों के तहत अब हर गर्ल्स हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके अलावा, रसोइया, सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराना होगा। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट और साझा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और 30 दिनों का बैकअप रखना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, छात्राओं वाले कमरों के क्षेत्र में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।

विजिटर प्रबंधन और आपातकालीन ट्रेनिंग

प्रशासन ने आगंतुकों की निगरानी के लिए विजिटर रजिस्टर में आधार विवरण दर्ज करना और उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम को जरूरी बताया है। छात्राओं की सुरक्षा हेतु हॉस्टल परिसर में डायल 112, स्थानीय थाना और अभया ब्रिगेड के संपर्क सूत्र वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, छात्राओं को '112 इंडिया ऐप' के सुरक्षा फीचर्स के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे किसी भी संकट के समय तुरंत मदद मांग सकें।