Maha Navami: महानवमी पर मां दुर्गा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, CM सम्राट चौधरी ने कन्याओं के पांव पखारकर लिया आशीर्वाद, देखिए तस्वीरें

Maha Navami: महानवमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया।

Maha Navami CM Samrat Chaudhary Performs Kanya Pujan
CM सम्राट चौधरी ने कन्याओं के पांव पखारकर लिया आशीर्वाद- फोटो : reporter

Maha Navami: महानवमी के पावन अवसर पर सोमवार को राजधानी समेत प्रदेशभर में मां दुर्गा की आराधना को लेकर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। मंदिरों से लेकर पूजा पंडालों तक सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। महिलाएं मां के दरबार में खोइंछा भरकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्यता की कामना कर रही हैं। शंख ध्वनि, मंत्रोच्चार और जय माता दी के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवन-पूजन

महानवमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने शक्ति स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारे, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और विधिवत कन्या पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने मां भगवती से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्यता और शांति की कामना की।

महानवमी पर मुख्यमंत्री का यह धार्मिक अनुष्ठान नवरात्र की परंपराओं और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा से जुड़ा रहा। कन्या पूजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान और देवी के स्वरूप में बालिकाओं की आराधना का संदेश भी सामने आया।

मां सिद्धिदात्री की आराधना, भक्तों ने मांगी सुख-समृद्धि

नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सिद्धि, बुद्धि, सुख और समृद्धि प्रदान करती हैं। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर मां को हलवा, पूरी और काले चने का भोग अर्पित करते हैं।

महानवमी के अवसर पर श्रद्धालु घरों और पूजा पंडालों में विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं। कई जगहों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन और आरती के आयोजन किए जा रहे हैं। भक्त मां भगवती से परिवार की खुशहाली और जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं।

कन्या पूजन की परंपरा, नौ देवियों के स्वरूप में बालिकाओं की आराधना

महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, छोटी कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया जाता है। सबसे पहले कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाया जाता है। इसके बाद तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें हलवा, पूरी तथा काले चने का प्रसाद खिलाया जाता है।भोजन के बाद श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को फल, उपहार या दक्षिणा भेंट करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। कई परिवारों में बालक को भैरव स्वरूप मानकर भोजन कराने की परंपरा भी निभाई जाती है।

आस्था, शक्ति और श्रद्धा का संगम है महानवमी

महानवमी का पर्व मां दुर्गा की उपासना के साथ-साथ नारी शक्ति के सम्मान और सेवा का संदेश देता है। मंदिरों और पूजा पंडालों में उमड़ रही भीड़ से पर्व की रौनक देखते ही बन रही है। श्रद्धालु मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की मन्नत मांग रहे हैं। नवरात्र के अंतिम पड़ाव पर पूरा माहौल भक्तिरस में सराबोर है और मां दुर्गा के जयकारों से गूंज रहा है।

रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह