Patna coaching dispute: PW विद्यापीठ पटना पर लीगल नोटिस, 11वीं के छात्र का दाखिला रद्द, रिफंड न देने पर माँ ने कोर्ट का रास्ता अपनाया

Patna coaching dispute: PW विद्यापीठ (बोरिंग रोड ब्रांच) पर एक माँ ने अपने बेटे के IIT-JEE कोचिंग एडमिशन को लेकर जोरदार लीगल नोटिस भेजा है।

Legal Notice to PW Vidyapeeth Patna Over Admission Refund Ca
PW विद्यापीठ पटना पर लीगल नोटिस- फोटो : reporter

Patna coaching dispute:बिहार की राजधानी पटना में स्थित PW विद्यापीठ (बोरिंग रोड ब्रांच) पर एक माँ ने अपने बेटे के IIT-JEE कोचिंग एडमिशन को लेकर जोरदार लीगल नोटिस भेजा है। पटना हाईकोर्ट के वकील बिभूति नारायण ने अपनी मुवक्किल प्रतिभा कुमारी की ओर से सीईओ अलख पाण्डेय और  सेंटर मैनेजर प्रकाश को नोटिस जारी किया है।नोटिस के अनुसार, प्रतिभा कुमारी के बेटे तरुण कुमार (11वीं कक्षा) ने 14 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन स्कॉलरशिप टेस्ट के आधार पर PW विद्यापीठ के मॉर्निंग बैच में IIT-JEE की तैयारी के लिए दाखिला लिया। 

एडमिशन के समय पहली किस्त के रूप में 57,217 रुपये UPI से जमा किए गए। संस्थान के अधिकारी ने बताया था कि क्लास 27 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इस बीच छात्र अस्थायी रूप से संस्थान आकर लाइब्रेरी, अन्य बैच और डाउट क्लियरिंग का फायदा ले सकता है।तरुण कुमार ने दो-चार दिन संस्थान जाकर देखा तो माहौल बेहद खराब पाया। 

नोटिस में लिखा है कि “कोई अकादमिक वातावरण नहीं था, बल्कि बेहद घृणित माहौल था।” ऐसी स्थिति में छात्र को IIT-JEE जैसी परीक्षा में सफलता मिलना असंभव लग रहा था। इसलिए प्रतिभा कुमारी ने 25 अप्रैल 2026 को दाखिला रद्द करने और पूरा पैसा वापस करने का आवेदन दिया। लेकिन संस्थान ने रिफंड देने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि PW विद्यापीठ में कोई रिफंड पॉलिसी नहीं है।

नोटिस में गंभीर आरोप लगाया गया है कि जब प्रतिभा कुमारी ने रिफंड की माँग की तो संस्थान के अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी कि हमारी मजबूत लीगल टीम है, तुम कुछ नहीं कर सकते। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि क्या PW विद्यापीठ बाजार में सफल छात्रों को खरीदकर मार्केटिंग करता है।

वकील बिभूति नारायण ने 15 दिनों के अंदर 57,217 रुपये पेनाल्टी सहित वापस करने की माँग की है। यदि समय पर पैसा नहीं लौटाया गया तो प्रतिभा कुमारी कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर होंगी। इस मामले ने पटना के कोचिंग सेंटरों में रिफंड पॉलिसी और छात्रों के हितों को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है।

रिपोर्ट- धीरेंद्र कुमार