बिना सुरक्षा के निकले लालू-तेजस्वी, ना पुलिस का घेरा न एस्कॉर्ट की गाड़ी, सीएम सम्राट को 'चेतावनी'
बिहार की राजनीति में लालू परिवार की सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसे लेकर अब लालू परिवार के लोगों ने अपनी सभी प्रकार की सुरक्षा को छोड़कर बड़ा सियासी संदेश दिया है.
Bihar News : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पार्टी सांसद मीसा भारती मंगलवार को दिल्ली से पटना लौटे तो एयरपोर्ट पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। हाल ही में सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर हुए विवाद के बीच लालू परिवार बिना किसी पुलिस एस्कॉर्ट और अतिरिक्त सुरक्षा के एयरपोर्ट से सीधे अपने आवास के लिए रवाना हो गया। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद राजद कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
पटना पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा अब राजद के कार्यकर्ता कर रहे हैं और उन्हें सरकारी सुरक्षा की जरूरत नहीं है। तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारे कार्यकर्ता बहादुर हैं, विचारधारा से जुड़े हुए हैं। संकट की घड़ी में सभी साथियों ने हमारा साथ दिया है। हम सभी कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त करते हैं। एक दिन सबको जवाब मिलेगा।" उन्होंने कहा कि सरकार अगर सुरक्षा को राजनीतिक हथियार बनाना चाहती है तो उन्हें ऐसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। "हमने पहले ही कह दिया था कि सुरक्षा वापस ले लीजिए, हमें इसकी जरूरत नहीं है। हमारी सुरक्षा हमारे कार्यकर्ता कर रहे हैं।"
सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए कहा, "सम्राट चौधरी चीफ मिनिस्टर नहीं, चीप मिनिस्टर हैं। सरकार पूरी तरह मुद्दों से भटक चुकी है। बेरोजगारी, महंगाई और अपराध जैसे गंभीर विषयों पर कोई बात नहीं की जा रही है।" उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार दावा करती रही कि अपराधियों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा। "आज अपराधियों की स्थिति और कानून-व्यवस्था की हालत पूरे बिहार के सामने है।" तेजस्वी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास न रोजगार को लेकर कोई योजना है और न ही पलायन रोकने का कोई विजन। "सरकार से अब किसी तरह की उम्मीद नहीं बची है। बिहार में रोजगार कैसे बढ़ेगा, पलायन कैसे रुकेगा, इसका कोई रोडमैप सरकार के पास नहीं है।"
मीसा भारती का भी हमला
राजद सांसद और लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती ने भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान जनता के मुद्दों से हटकर राजनीतिक प्रतिशोध पर है। मीसा ने कहा, "यह सरकार सुरक्षा घटाने, आवास खाली कराने और मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों में उलझी हुई है। महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता की परेशानियों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने विपक्ष के साथ जैसा व्यवहार किया है, उससे उन्हें एक सबक जरूर मिला है। "अगर भविष्य में जनता हमें सत्ता देती है तो सरकार ने हमें सिखाया है कि सत्ता में आने के बाद विरोधियों के साथ कैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।"
क्या है सुरक्षा और आवास का पूरा विवाद?
हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में लालू परिवार की सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद लालू-राबड़ी परिवार और राजद के कुछ नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था। इसके बाद राजद ने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना से उनकी सुरक्षा कम की जा रही है।
इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास और अन्य सुविधाओं को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। राजद का आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, जबकि एनडीए सरकार का कहना है कि सुरक्षा और आवास से जुड़े सभी फैसले नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत लिए जा रहे हैं। इन घटनाओं के बाद राजद लगातार इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है। पटना एयरपोर्ट पर लालू परिवार का बिना पुलिस एस्कॉर्ट नजर आना भी इसी विवाद की अगली कड़ी माना जा रहा है।
चुनावी साल में बढ़ी सियासी तल्खी
बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सुरक्षा, आवास, अपराध, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव और मीसा भारती के ताजा बयान ने इस राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
रंजन की रिपोर्ट