Rabri Devi Bungalow Controversy: राबड़ी आवास खाली, लेकिन चाभी पर आखिरी दांव बाकी, 10 सर्कुलर रोड से निकला लालू परिवार, इस काम के बाद हीं बंगला करेंगे हैंडओवर
Rabri Devi Bungalow Controversy: बिहार की सियासत के सबसे चर्चित सरकारी आवासों में शुमार 10 सर्कुलर रोड सोमवार को एक नए राजनीतिक अध्याय का गवाह बना।...
Rabri Devi Bungalow Controversy: बिहार की सियासत के सबसे चर्चित सरकारी आवासों में शुमार 10 सर्कुलर रोड सोमवार को एक नए राजनीतिक अध्याय का गवाह बना। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने निर्धारित समय-सीमा के आखिरी दिन सरकारी बंगला खाली कर दिया। हालांकि, बंगले की चाभी तत्काल भवन निर्माण विभाग को सौंपे जाने की संभावना नहीं है। लालू परिवार का कहना है कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी सामान का पूरा मिलान (लिस्टिंग) होने के बाद ही आवास का औपचारिक हैंडओवर किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव कुछ देर के लिए 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। यहां आवश्यक सामान और अंतिम व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद वे 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि फिलहाल तेजस्वी यादव को आवंटित 1 पोलो रोड का सरकारी आवास ही लालू परिवार का अस्थायी ठिकाना होगा।लालू परिवार का कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास भी निर्माणाधीन होने के कारण फिलहाल यहां शिफ्ट होने की संभावना नहीं है।
दरअसल, राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है, लेकिन वहां अभी लगभग 70 प्रतिशत ही निर्माण और मरम्मत का कार्य पूरा हो पाया है। ऐसे में फिलहाल वहां शिफ्ट होने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। इसी वजह से परिवार ने फिलहाल 1 पोलो रोड में रहने का फैसला किया है।
लालू परिवार की कोशिश है कि बंगला खाली करने को लेकर बार-बार उठ रहे विवाद और अटकलों पर हमेशा के लिए विराम लग जाए। सूत्रों का कहना है कि राबड़ी देवी ने भवन निर्माण विभाग से स्पष्ट कहा है कि जब तक सरकारी सामान की सूची का पूरी तरह मिलान नहीं हो जाता, तब तक बंगले की चाभी नहीं सौंपी जाएगी। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रत्येक सामान का सत्यापन होने के बाद ही आवास का औपचारिक हैंडओवर किया जाएगा।
बता दें कि भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। इससे पहले भी चार बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। विभाग ने साफ कर दिया था कि 29 जून तक बंगला खाली नहीं होने की स्थिति में बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह