Bihar Politics: '18 साल से निस्वार्थ मेहनत लेकिन'...पवन सिंह के लिए छलका खेसारी लाल का दर्द, राज्यसभा नहीं जाने पर कह दी बड़ी बात
Bihar Politics: भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह को राज्यसभा नहीं भेजे जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। खेसारी लाल यादव ने पवन सिंह पर तंज भी कसा है। पढ़िए आगे...
Bihar Politics: 18 साल से वो निस्वार्थ मेहनत कर रहे हैं, सेवा कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई पद नहीं मिला ये जान के दुख तो होता ही है...यह कहना है भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के स्टार और छपरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके खेसारी लाल यादव का। खेसारी लाल यादव पटना पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई राजनीतिक सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पवन सिंह को राज्यसभा न भेजे जाने का मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
पवन सिंह के लिए छलका दर्द
पवन सिंह को राज्यसभा नहीं भेजे जाने के सवाल पर खेसारी लाल यादव ने कहा कि उन्हें भी इस बात का दुख है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। खेसारी लाल ने कहा कि, मुझे भी बुरा लगता है कि एक व्यक्ति 17-18 साल से पार्टी की सेवा कर रहा है, लेकिन उसे अब तक कोई बड़ा पद नहीं मिला। शायद उनकी पार्टी के लोग अभी उन्हें उस लायक नहीं समझ रहे होंगे।
परिवारवाद के आरोप पर दिया जवाब
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चाओं पर खेसारी लाल यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि युवा पीढ़ी राजनीति में आकर राज्य को बेहतर बनाने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि उनके लिए शुभकामनाएं हैं। विपक्ष द्वारा परिवारवाद के आरोप लगाए जाने पर खेसारी ने कहा कि अगर आप किसी पर परिवारवाद का आरोप लगाएंगे, तो फिर दूसरे लोग भी आप पर आरोप लगा सकते हैं।
मैं कलाकार ही ठीक हूं
इस दौरान पूर्व विधायक सुनील पांडे द्वारा चुनाव लड़ने का ऑफर दिए जाने के सवाल पर खेसारी लाल यादव ने कहा कि यह उनका प्यार है और वे उनके बड़े भाई जैसे हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि वे एक कलाकार के तौर पर ही बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि, सच कहूं तो मैं कलाकार ही ठीक हूं, मुझे नहीं लगता कि मुझे राजनीति में आना चाहिए। साथ ही खेसारी लाल यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और ईशान किशन ने भी बेहतरीन खेल दिखाया।
पटना से रंजीत की रिपोर्ट