Bihar News: 14 साल बाद मिला न्याय, भ्रष्टाचार के इल्ज़ाम में निकाली गई अफसर को मिला इंसाफ, अब करना होगा लाखों का भुगतान

Bihar News: बिहार की अफसरशाही में एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने सालों पुरानी फाइलों में दबे इंसाफ को फिर से ज़िंदा कर दिया।.....

Justice after 14 years sacked officer
14 साल बाद मिला न्याय- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार की अफसरशाही में एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने सालों पुरानी फाइलों में दबे इंसाफ को फिर से ज़िंदा कर दिया। रोहतास जिले के तिलौथू में तैनात रहीं तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नीलिमा सिन्हा की बर्खास्तगी को आखिरकार रद्द कर दिया गया है। 14 साल पहले जिन पर भ्रष्टाचार और बदसलूकी के संगीन इल्ज़ाम लगाकर नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, अब वही अफसर कानूनी जंग जीतकर सिस्टम को आईना दिखा रही हैं।

नीलिमा सिन्हा को साल 2010 में सस्पेंड किया गया और 2012 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर आरोप था कि वे मुख्यालय में नहीं रहती थीं, आंगनबाड़ी सेविकाओं से रिश्वत मांगती थीं और कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करती थीं। उस वक्त समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह कड़ा एक्शन लिया गया था।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। नीलिमा सिन्हा ने इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया और करीब 10 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं। आखिरकार अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार के आदेश को खारिज कर दिया। अब सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर पुरानी बर्खास्तगी को शून्य घोषित कर दिया है।

इस फैसले के बाद नीलिमा सिन्हा को बर्खास्तगी की तारीख से लेकर जनवरी 2023 में रिटायरमेंट तक का पूरा वेतन, भत्ता और पेंशन दिया जाएगा। यानी सालों से रुका हुआ उनका पूरा हक अब उन्हें मिलेगा। इतना ही नहीं, कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि अगर 6 महीने के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो सरकार को 25 हजार रुपये अतिरिक्त मुकदमा खर्च भी देना होगा। यह फैसला सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए एक बड़ा सबक भी है कि हर इल्ज़ाम के पीछे सच्चाई की तह तक जाना जरूरी है। वरना देर से ही सही, इंसाफ अपना रास्ता खुद बना लेता है।