पटना में तीन दिवसीय ‘जुगनू हाट’ का होगा भव्य आयोजन: देश भर के पारंपरिक हुनर और हस्तशिल्प की सजेगी प्रदर्शनी, धनतेरस-छठ के लिए विशेष स्टॉल

राजधानी पटना के गर्दनीबाग बापू टावर में 5 से 7 नवंबर तक ‘जुगनू हाट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय हाट में देश के विभिन्न राज्यों और बिहार के पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, हथकरघा एवं घरेलू उपयोग की आकर्षक वस्तुओं के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे...

पटना में तीन दिवसीय ‘जुगनू हाट’ का होगा भव्य आयोजन: देश भर क
पटना में तीन दिवसीय ‘जुगनू हाट’ का होगा आयोजन- फोटो : रोहित

Patna : स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े हुनरमंद लोगों को एक बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में 5, 6 और 7 नवंबर को तीन दिवसीय ‘जुगनू हाट’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘हुनर की रोशनी’ थीम पर आधारित इस भव्य हाट में देश के विभिन्न राज्यों और बिहार के अलग-अलग जिलों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, हथकरघा एवं घरेलू उपयोग की आकर्षक वस्तुओं के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।


देश भर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद बनेंगे आकर्षण का केंद्र

इस जुगनू हाट में कुल 26 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिसमें कश्मीर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प, लखनऊ की मशहूर चिकनकारी, बनारस की बनारसी सिल्क, पारंपरिक जामदानी बुनाई, बांका के बुनकरों के हथकरघा उत्पाद, कोटा डोरिया और नालंदा की प्रसिद्ध बावन बूटी कला मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अलावा सिरेमिक टेबलवेयर, स्टोनवेयर की हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं और पश्चिम बंगाल के बांस से बने कपड़े व होम फर्निशिंग उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।


बिहार की समृद्ध लोककलाओं और शिल्प को मिलेगा विशेष मंच

आयोजक डॉ. स्मृति पासवान ने बताया कि इस हाट में बिहार की समृद्ध लोककलाओं को भी प्रमुखता दी गई है। इसमें दरभंगा की सिक्की कला, मुजफ्फरपुर की सुजनी कला, आरा-भोजपुर की खटवा (एप्लिक) कला, रोहतास के हस्तनिर्मित कालीन, कटिहार के जूट एवं मखाना उत्पाद तथा सिवान के पारंपरिक सूती वस्त्रों की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। साथ ही, क्रोशिया से बने हस्तनिर्मित उत्पाद भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।


धनतेरस और छठ पूजा के लिए लगेंगे विशेष उत्पाद और सजावटी सामग्री

इस आयोजन का एक अन्य विशेष आकर्षण धनतेरस और छठ महापर्व को समर्पित स्टॉल होंगे। यहां दीपावली, धनतेरस और छठ के पावन अवसरों पर पारंपरिक सजावट की सामग्री, पूजा-पाठ से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं, उपहार और त्योहारों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी आसानी से की जा सकेगी।


पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने का उद्देश्य

जुगनू हाट के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देना, स्थानीय कारीगरों एवं बुनकरों को एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनके हुनर को नई पहचान दिलाना है। यह आयोजन एक ही छत के नीचे शहरवासियों को देश और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों से रूबरू होने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।


रोहित की रिपोर्ट