पटना में महागठबंधन का "आक्रोश मार्च": गैस और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ फूंका पीएम मोदी का पुतला

Bihar Politics : पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतो मे हुई वृद्धि के खिलाफ आज महागठबंधन की ओर से आक्रोश मार्च निकाला गया। इस मार्च में महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया....

पटना में महागठबंधन का "आक्रोश मार्च": गैस और पेट्रोल की कीमत
पटना में महागठबंधन का "आक्रोश मार्च"- फोटो : रजनीश

Patna : देश में पेट्रोलियम पदार्थों के साथ-साथ घरेलू एवं कमर्शियल रसोई गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ आज पटना साहिब में विपक्ष ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। महागठबंधन के तमाम घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। स्थानीय बॉली मोड़ से एक विशाल "आक्रोश मार्च" निकाला गया, जो अशोक राजपथ होते हुए पश्चिम दरवाजा मोड़ पर पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया।


केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, 'पुराने दिन लौटाने' की मांग

आक्रोश मार्च के दौरान महागठबंधन के कार्यकर्ता केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ अत्यधिक आक्रोशित रूप से गगनभेदी नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और वे 'घरेलू एवं कमर्शियल रसोई गैस की मूल्य वृद्धि वापस लो', 'महंगाई पर अविलंब रोक लगाओ' और 'अच्छे दिन का वादा करने वालों, हमारे पुराने दिन ही हमें लौटा दो' जैसे नारे बुलंद कर रहे थे। पुतला दहन के बाद पश्चिम दरवाजा मोड़ पर ही मार्च एक विरोध सभा में तब्दील हो गया।


युद्ध की आड़ में पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप

इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम का संयुक्त नेतृत्व राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव सह पूर्व पार्षद बलराम चौधरी, मोहम्मद जावेद, रजनीश राय और सीपीआई नेता देव रतन प्रसाद ने किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार युद्ध के नाम का बहाना बनाकर पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ा रही है, जिससे घरेलू और कमर्शियल गैस की कालाबाजारी को सीधा बढ़ावा मिल रहा है। नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में जनता से सोना न खरीदने, गाड़ियों से न चलने और साइकिल का उपयोग करने की बात कहते हैं, जो बेहद हास्यास्पद है।


महिलाओं का किचन संभालना हुआ मुश्किल, मुख्य मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार

नेताओं ने आरोप लगाया कि बेकाबू महंगाई की मार के कारण आज आम महिलाओं के लिए घर का बजट और किचन संभालना पूरी तरह से मुश्किल हो गया है। सरकार जानबूझकर देश की जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाना चाहती है ताकि लोग रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे बुनियादी अधिकारों पर सवाल न खड़े कर सकें। महागठबंधन ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में की गई बेतहाशा वृद्धि को अविलंब वापस नहीं लिया, तो वे आने वाले दिनों में एक बड़े और व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


मार्च में राजद, माले और सीपीआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई उपस्थिति

इस आक्रोश मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम को सफल बनाने में महागठबंधन के विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदर्शन में प्रदेश राजद के पूर्व महासचिव इकबाल अहमद, भाकपा माले नेता श्री राम नारायण सिंह, अजीत सिंह कुशवाहा, शत्रुघन यादव, कुणाल राणा, एजाजुद्दीन उर्फ़ शानू, हिदायत अहमद, सीपीआई नेता शंभू शरण प्रसाद, पंकज रजक, केसरी कुमार, विक्की मेहता, सुजीत कुशवाहा, रामजी साहनी, सनोज साव, मो. मुख्तार, दिना ठाकुर और मो. समीर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्य रूप से शामिल रहे।


रजनीश की रिपोर्ट