UGMAC 2026 में GOAL का दबदबा, बिहार की मेडिकल मेरिट में टॉप रैंक पर कब्जा

UGMAC 2026: बिहार की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की मेरिट में GOAL Institute के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।...

GOAL Dominates UGMAC 2026 Takes Top Ranks in Bihar
बिहार की मेडिकल मेरिट में GOAL का दबदबा- फोटो : reporter

UGMAC 2026: बिहार की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की मेरिट में GOAL Institute के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। UGMAC 2026 के प्रथम राउंड के काउंसलिंग परिणाम में संस्थान के छात्रों ने शीर्ष रैंकों पर अपनी धाक जमाई। जनरल कैटेगरी में पहली और दूसरी रैंक GOAL के विद्यार्थियों के नाम रही, जबकि टॉप-6 में संस्थान के चार विद्यार्थियों ने जगह बनाकर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।

UGMAC 2026 के परिणाम के मुताबिक रविकांत ने जनरल कैटेगरी में प्रथम रैंक हासिल की, जबकि कमल नयन दूसरे स्थान पर रहे। BC कैटेगरी में श्रृष्टि ने तीसरी रैंक हासिल की। वहीं जनरल कैटेगरी में केशव ने पांचवीं और अनुष्का कश्यप ने छठी रैंक प्राप्त की। इस तरह जनरल कैटेगरी के टॉप-6 में चार स्थान GOAL के खाते में गए।

इस प्रदर्शन ने बिहार के मेडिकल एडमिशन की मेरिट में संस्थान की लगातार मौजूदगी को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। GOAL प्रबंधन का कहना है कि यह उपलब्धि किसी एक परीक्षा या एक बैच की कामयाबी भर नहीं है, बल्कि वर्षों से विकसित अकादमिक सिस्टम और विद्यार्थियों की लगातार मेहनत का परिणाम है।

संस्थान के Chairman & Managing Director बिपिन कुमार सिंह ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि UGMAC में पहली और दूसरी रैंक समेत शीर्ष स्थानों पर विद्यार्थियों की मौजूदगी अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का मकसद सिर्फ विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य में उत्कृष्ट चिकित्सक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए मजबूत आधार देना है।

Assistant Director रंजय सिंह ने कहा कि किसी एक वर्ष का बेहतर रिजल्ट उपलब्धि हो सकता है, लेकिन लगातार कई वर्षों तक टॉप रैंक हासिल करना संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का अहम प्रमाण है। उन्होंने बताया कि GOAL में पढ़ाई को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता। नियमित टेस्ट, परफॉर्मेंस एनालिसिस, डाउट सपोर्ट, व्यक्तिगत काउंसलिंग और मेडिकल काउंसलिंग गाइडेंस को तैयारी का हिस्सा बनाया जाता है।

GOAL के R&D Head आनंद वत्स ने डेटा आधारित तैयारी को सफलता की अहम कुंजी बताया। उनके मुताबिक विद्यार्थियों के टेस्ट परफॉर्मेंस, विषयवार कमजोरियों, गलतियों के पैटर्न और परीक्षा के बदलते ट्रेंड का लगातार विश्लेषण किया जाता है। इसी आधार पर अकादमिक रणनीति में जरूरी बदलाव किए जाते हैं।

वहीं Academic Head गौरव सिंह ने कहा कि टॉपर बनने के पीछे विद्यार्थी की मेहनत के साथ शिक्षकों की निगरानी, बेहतर कंटेंट, नियमित टेस्ट और समय पर डाउट क्लियरेंस की भी अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की तैयारी को मॉनिटर कर उसकी जरूरत के मुताबिक रणनीति तैयार की जाती है।

UGMAC 2026 का यह प्रदर्शन GOAL के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि संस्थान के विद्यार्थी लगातार NEET और बिहार की मेडिकल काउंसलिंग मेरिट में शीर्ष स्थानों पर जगह बनाते रहे हैं। इस बार जनरल कैटेगरी में पहली-दूसरी रैंक, टॉप-6 में चार स्थान और BC कैटेगरी में तीसरी रैंक ने संस्थान की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया है।GOAL प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के भरोसे, शिक्षकों के समर्पण और पूरी अकादमिक टीम के सामूहिक प्रयास को दिया है। UGMAC 2026 का परिणाम एक बार फिर यह संदेश देता है कि बिहार की मेडिकल मेरिट में शीर्ष स्थान की जंग में GOAL के विद्यार्थी मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।