नीतीश सरकार की दो-टूक: क्षेत्रीय कार्यालयों में महिलाओं को हक देने में कोताही बर्दाश्त नहीं, सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों को लगाई कड़ी फटकार

बिहार में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्षेत्रीय प्रशासन के कार्यालय प्रधान पदों पर महिलाओं की आरक्षण आधारित तैनाती और उसकी मासिक रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है।

नीतीश सरकार की दो-टूक: क्षेत्रीय कार्यालयों में महिलाओं को ह

Patna - बिहार सरकार के 'सात निश्चय-2' योजना के अंतर्गत "सशक्त महिला, सक्षम महिला" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय प्रशासन में महिला पदाधिकारियों की तैनाती को लेकर सख्ती दिखाई गई है । सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव रजनीश कुमार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रधान के पदों पर महिलाओं की नियुक्ति आरक्षण मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए । सरकार ने पाया है कि वर्तमान में इन पदों पर महिलाओं की भागीदारी अपेक्षित मानकों से कम है ।

ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना अपडेट करने का निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'सात निश्चय' से संबंधित सूचनाओं को वेबपोर्टल (http://wrmis.bihar.gov.in/nischay) पर प्रत्येक माह ऑनलाइन अपडेट करना अनिवार्य है । हालांकि, कई विभागों द्वारा अब तक वांछित सूचनाएं साझा नहीं की गई हैं । विभाग ने नाराजगी जताते हुए सभी अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल पर डेटा अपडेट कर उसकी एक प्रति विभाग 

आरक्षण मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर

बिहार विकास मिशन के निर्देशों का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया है कि जिन विभागों में महिलाओं की भागीदारी निर्धारित आरक्षण से कम है, वहां कार्यालय प्रधान के पदों पर महिला पदाधिकारियों का पदस्थापन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए । विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए क्षेत्रीय प्रशासन में संतुलन बनाया जाए ।

'सशक्त महिला, सक्षम महिला' अभियान को गति

यह पहल आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-25) का एक हिस्सा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को प्रशासनिक निर्णय लेने वाले पदों तक पहुँचाना और उन्हें सशक्त बनाना है । सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर कार्यालय प्रधान के रूप में महिलाओं की नियुक्ति से न केवल प्रशासन में समावेशिता आएगी, बल्कि जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी ।

समयबद्ध अनुपालन और सर्वोच्च प्राथमिकता

अपर सचिव ने इस कार्य को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' देने का निर्देश दिया है । सभी संबंधित विभागों को ताकीद की गई है कि मासिक आधार पर सूचनाओं का अद्यतन सुनिश्चित करें ताकि विकास आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का समय पर अनुपालन हो सके । इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले विभागों को चिन्हित कर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है ।