शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने ग्रहण किया पदभार; बोले- "बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे वैश्विक नजीर"

Bihar News : बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आज पदभार ग्रहण के बात सबसे पहले सीएम सम्राट चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कभी बिहार दुनिया में ज्ञान का धरती हुआ करता था, हम एकबार फिर उसी इतिहास को दोहराने का प्रयास करेंगे...

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने ग्रहण किया पदभार; बोले- "बिह
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने ग्रहण किया पदभार- फोटो : वंदना शर्मा

Patna : बिहार के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री द्वारा जताए गए भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बिहार को अंतरराष्ट्रीय ज्ञान की ऐतिहासिक धरती बताते हुए कहा कि जिस भूमि ने कभी दुनिया का नेतृत्व किया था, उसे फिर से उसी ऊंचाइयों पर ले जाना उनका मुख्य लक्ष्य है।


चरवाहा विद्यालय से IIM तक का सफर

मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य की शैक्षिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार ने 'चरवाहा विद्यालय' के दौर से निकलकर 'आईआईएम' (IIM) तक का सफर एनडीए शासनकाल में ही तय किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब इस विकास यात्रा को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, बुनियादी ढांचे के साथ-साथ उच्च शिक्षा के संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।


डिग्री नहींरोजगार और आत्मनिर्भरता पर होगा फोकस

शिक्षा की भावी दिशा स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उसे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी कार्ययोजना पर काम करेगी जिससे शिक्षा हर व्यक्ति के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत विकल्प बने। कौशल विकास और आधुनिक जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रमों में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने के संकेत उन्होंने दिए।


TRE-4 अभ्यर्थियों को राहत की उम्मीदजल्द होगा संवाद

शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-4) को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनेंगे। अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए बीच का कोई न कोई रास्ता जरूर निकाला जाएगा, ताकि किसी का अहित न हो।


शिक्षकों को दी 'मोमबत्तीकी उपमा

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए मिथिलेश तिवारी ने कहा कि वे स्वयं विद्यार्थी, राजनीतिज्ञ और कोचिंग संचालक रहे हैं, इसलिए वे शिक्षकों की समस्याओं और उनके महत्व को भली-भांति समझते हैं। शिक्षकों के सम्मान में उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "शिक्षक वह होता है जो स्वयं मोमबत्ती की तरह जलकर दूसरों के जीवन में रोशनी भरता है।" अंत में उन्होंने वादा किया कि शिक्षा विभाग को बिहार की एक नई और सकारात्मक पहचान के रूप में स्थापित किया जाएगा।


वंदना की रिपोर्ट