सोनू-मोनू के यहां पुलिस की चेकिंग होने पर भड़के उप मुख्यमंत्री, विजय चौधरी की चेतावनी - हिसाब कर देंगे

कई मामलों में आरोपित पटना जिले के सोनू-मोनू के घर पुलिस को जांच के बाद मिले प्रवेश के मामले के बाद उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने राज्य में अपराध नियन्त्रण पर बड़ा बयान दिया है.

police checking at Sonu-Monus place
police checking at Sonu-Monus place - फोटो : news4nation

Bihar news : बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने वालों का उचित हिसाब होगा. पटना जिले में पचमहला थाना क्षेत्र के अपराधिक प्रवृति के सोनू-मोनू के घर पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस की आम लोगों द्वारा जांच के बाद घर में प्रवेश करने देने का वीडियो वायरल होने के बाद उप मुख्यमंत्री का यह बयान आया है. जदयू दफ्तर में आयोजित प्रेस वार्ता में उनसे इससे जुड़ा सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए. 


उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस के काम में व्यवधान डालता है, ज्यादती करता है तो पुलिस का उसका हिसाब करेगी और मुक्कमल हिसाब करेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को नकारत्मक परिपेक्ष्य में दिखाया जाता है तो इससे ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है. दरअसल, पटना के मोकामा प्रखंड के नौरंगा जलालपुर निवासी सोनू-मोनू कई मामलों में आरोपित है. उसकी अदावत मोकामा के विधायक अनंत सिंह से रही है. पिछले वर्ष अनंत सिंह और सोनू-मोनू के बीच गोलीबारी होने का मामला भी सामने आया था. 


सोशल मीडिया पोस्ट से बवाल

वहीं ताजा मामला शनिवार शाम है जो एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ. गांव के ही पैक्स अध्यक्ष मुकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि 'नौरंगा जलालपुर पंचायत में ख़ुशी की लहर. पचमहला थानाध्यक्ष के द्वारा सराहनीय प्रयास. अपराध और अपराधी का होगा सफाया. भय मुक्त होगा पंचायत हमारा.' बताया जाता है कि इसी को लेकर मुकेश सिघ और सोनू-मोनू के लोगों के बीच विवाद बढ़ा और शनिवार शाम दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. गोली भी चली जिसके बाद दहशत फ़ैल गया. 


पुलिस की हुई तलाशी

घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस ने गांव में कैंप किया. वहीं सोनू-मोनू के घर में जब जांच के लिए पुलिस प्रवेश करने वाली थी तो पहले पुलिसवालों की तलाशी ली गई उसके बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया. सोनू-मोनू के लोगों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया कि पुलिस वाले अवैध हथियार आदि घर में रखकर लोगों को फंसा सकते हैं. नियम भी कहता है कि बिना वारंट के आई पुलिस को आपसी सहमति से जांच उपरांत प्रवेश दिया जाता है. इसी का वीडियो वायरल होने पर अब उप मुख्यमंत्री ने हिसाब करने की बात कही है. 


बाढ़ SDPO का बड़ा बयान 

वहीं बाढ़ SDPO 1 राम कृष्ण ने रविवार को कहा कि पचमहला थाना ने तय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है. इसमें सोनू सिंह और उसके पिता प्रमोद सिंह सहित कुछ अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है. वहीं पुलिस की जांच का जो वीडियो वायरल है उसे लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी.

पटना से अभिजीत, बाढ़ से रविशंकर, लखीसराय से कमलेश की रिपोर्ट