राष्ट्रीय बालिका दिवस : बिहार की बेटियां अब विज्ञान और तकनीक से रचेंगी इतिहास, ‘मंगल मिशन’ से ली प्रेरणा

Bihar News : राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर साइंस सिटी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका उद्देश्य छात्राओं को स्टेम शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था.....पढ़िए आगे

राष्ट्रीय बालिका दिवस : बिहार की बेटियां अब विज्ञान और तकनीक
इतिहास रचेंगी बेटियां - फोटो : SOCIAL MEDIA

Patna : राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पटना स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (एसटीईएम) शिक्षा के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को बताना था। कार्यक्रम में रघुनाथ प्रसाद स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, कंकड़बाग तथा रवींद्र बालिका +2 विद्यालय की छात्राओं ने अपना अनुभव साझा किया। इसके बाद एसटीईएम आधारित प्रेरक फिल्म ‘मिशन मंगल ’ का प्रदर्शन किया गया, जिसने छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों से परिचित कराया।

बिहार की नई पहचान

इस अवसर पर छात्राओं के स्तर से अनुभव साझा करने का सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अनुकृति (रघुनाथ प्रसाद स्कूल), कनक (केंद्रीय विद्यालय, कंकड़बाग) तथा आकृति आनंद (रवींद्र बालिका +2 विद्यालय) ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एसटीईएम से जुड़कर वे विज्ञान और तकनीक को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हुई हैं। इस अवसर पर योगेश कुमार सागर, कार्यपालक निदेशक, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार ने एसटीईएम शिक्षा को बालिकाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा “कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि महिलायें केवल समाज की तय भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। स्टेम शिक्षा बेटियों को यह स्वतंत्रता देती है कि वे अपने सपने स्वयं चुनें और उन्हें साकार करें।”

कल्पना चावला का नया संस्करण

वहीं इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की प्रबंध निदेशक ने कहा कि “आज बिहार की बेटियां स्टेम के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। एआई , इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान और कृषि अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में ऐश्वर्या वर्मा, डॉ. सपना सिन्हा, आरती गुप्ता, प्रीति और मधुलिका सिंह जैसी बेटियां यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। हमारा प्रयास है कि हर बालिका को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।”

छात्राओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में अपनी-अपनी कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को टोकन ऑफ अप्रिसिएशन प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक बंदना प्रेयषी, कार्यपालक निदेशक योगेश कुमार सागर, उप सचिव-सह-नोडल पदाधिकारी मृगन सिंह तथा निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय से गायत्री कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।