पटना का साइबर थाना ‘भगवान भरोसे’! ऑन ड्यूटी एक भी पुलिसकर्मी नहीं दिखा
पटना के जिस साइबर थाने में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की शिकायत लेकर लोग पहुंचते हैं, वहां स्थिति है कि ऑन ड्यूटी एक भी पुलिसकर्मी नहीं दिखता.
Bihar News : बिहार में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर जहां पुलिस मुख्यालय से लेकर सरकार तक लगातार चिंता जाहिर कर रही है, वहीं राजधानी पटना के साइबर थाने की एक तस्वीर पुलिसिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। साइबर अपराध से जुड़े मामलों की शिकायत और कार्रवाई के लिए बनाए गए इस थाने में एक समय ऐसा भी देखने को मिला, जब ऑन ड्यूटी एक भी पुलिस पदाधिकारी या पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच थाने की ऐसी स्थिति ने पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस थाने में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की शिकायत लेकर लोग पहुंचते हैं, अगर वहां ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी ही मौजूद नहीं हों तो पीड़ितों की शिकायत और उनकी मदद कैसे होगी, यह बड़ा सवाल है।
‘बारह बजे तक लेट नहीं, दो बजे के बाद भेंट नहीं’ वाली स्थिति?
पुराने दौर में सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों की कार्यशैली पर तंज कसते हुए एक कहावत कही जाती थी—‘बारह बजे तक लेट नहीं, दो बजे के बाद भेंट नहीं।’ अब यही कहावत पटना के साइबर थाने की व्यवस्था पर चरितार्थ होती नजर आ रही है। साइबर थाने में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी की तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर थाने की निगरानी और ड्यूटी व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही है।
साइबर अपराध बढ़ रहा, पुलिसिंग पर सवाल
बिहार में साइबर अपराध लगातार चुनौती बनता जा रहा है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश, बैंक खातों से पैसे की निकासी, सोशल मीडिया के जरिए ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में लोग लगातार पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में साइबर थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पटना के साइबर थाने की कथित लापरवाही की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिसिंग को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ड्यूटी के समय पूरा थाना खाली मिला और एक भी पुलिस पदाधिकारी या पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
थाने में पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी से जुड़ी तस्वीर ने न सिर्फ पटना साइबर थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने को मजबूर किया है कि साइबर अपराध के शिकार लोगों को तत्काल मदद और शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और ड्यूटी से गायब रहने वाले पुलिसकर्मियों या जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
अनिल की रिपोर्ट