राज्यसभा चुनाव में जेल में बंद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के वोट डालने पर कोर्ट का बड़ा फैसला, एनडीए को बड़ी चुनौती

बिहार में 5 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होना है. इसमें चार सीटों पर एनडीए की जीत तय है. वहीं 5 वीं सीट पर राजद के एडी सिंह के उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है.

Mokama MLA Anant Singh
Mokama MLA Anant Singh- फोटो : news4nation

Anant Singh :  बिहार में 5 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होना है. यह चुनाव एनडीए के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बनी हुई है क्योंकि पांचों सीटों को जीतने के लिए एनडीए ने पांच उम्मीदवार उतारे हैं. वहीं राजद भी एक सीट पर जीत हासिल करने लिए लड़ाई में उतरी है. तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी से एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इसी कारण 16 मार्च को मतदान होगा और उसके बाद ही तय होगा कि पांचवीं सीट की लड़ाई में एनडीए या राजद में किसे जीत मिलती है. 


इस बीच अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने लिए एनडीए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. बिहार विधानसभा में एनडीए के 202 विधायकों के संख्या बल के कारण चार सीट तो एनडीए जीत जाएगी जबकि पांचवीं सीट के लिए 38 विधायक ही बचते हैं. एनडीए खेमे एक एक विधायक जदयू के मोकामा से निर्वाचित अनंत सिंह जेल में हैं. ऐसे में राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके मतदान के लिए उन्हें जेल से बाहर आना होगा. 


अनंत सिंह पर हुआ बड़ा फैसला 

इसे लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला हुआ. एमपी एमएलए कोर्ट ने फैसला दिया है कि अनंत सिंह राज्यसभा चुनाव में वोट डालेंगे. वे कस्टडी में विधानसभा आयेंगे और वोट डालकर वापस जेल जायेंगे. दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह जेल में हैं. ऐसे में अब उनको वोट डालने के लिए कोर्ट से मिली राहत ने एनडीए को भी बड़ी राहत दी है. इससे प्रतिष्ठा की लड़ाई में एनडीए को बड़ी राहत होगी. 


5वीं सीट पर रोचक मुकाबला 

बिहार में 5 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होना है. इसमें चार सीटों पर एनडीए की जीत तय है. वहीं 5 वीं सीट पर राजद के एडी सिंह के उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है. एनडीए के पांचवें उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. बिहार विधानसभा में एनडीए के 202 विधायकों के संख्या बल के कारण चार सीट तो एनडीए जीत जाएगी जबकि पांचवीं सीट के लिए 38 विधायक ही बचते हैं. ऐसे में राजद उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने खास रणनीति तय की है.


राजद को ओवैसी का भरोसा 

राजद के 25 विधायक, कांग्रेस के 6, वामदलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक के आधार पर यह संख्या 35 होती है. वहीं एआईएमआईएम के 5 विधायक हैं. दो दिन पहले ही एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी. उन्होंने बातचीत को सकारात्मक बताया था. ऐसे में यह माना जा रहा है कि ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पांचों विधायक राजद के एडी सिंह को समर्थन करेंगे. वहीं बसपा के एक मात्र विधायक का समर्थन भी एडी सिंह को माना जा रहा है. इस तरह जीत के लिए 41 विधायक का समर्थन राजद उम्मीदवार को मिल जाएगा.


एनडीए की बैठक में संख्या बल का जुगाड़

एनडीए के पांचवें उम्मीदवार की जीत तय करने के लिए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर बैठक हुई. एनडीए के पांच उम्मीदवारों में जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, भाजपा से नितिन नवीन और शिवेस राम और रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा हैं. ऐसे में एनडीए के पांचवें उम्मीदवार की जीत तभी संभव है जब विरोधी खेमे में विधायकों को तोड़ा जा कसे या वे क्रॉस वोटिंग करें. एनडीए अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के साथ ही विपक्ष को तोड़ने की रणनीति के हिसाब से अपनी जीत तय करने में लगा हुआ है.