Bihar News : बिहार में टूटा बिजली की मांग का रिकॉर्ड, पीक डिमांड पहुंचा 8838 मेगावाट के पार, ऊर्जा मंत्री बोले— 9000 MW की मांग भी पूरी करने को तैयार

Bihar News : बिहार में ऊर्जा क्षेत्र के बदलते परिवेश में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। सोमवार की रात्रि पौने नौ बजे बिजली की पीक डिमांड 8838 मेगावाट पर पहुंच गई.......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार में टूटा बिजली की मांग का रिकॉर्ड, पीक डि
बिहार में टूटा रिकॉर्ड - फोटो : social media

PATNA : बिहार में ऊर्जा क्षेत्र के बदलते परिवेश और लगातार विकास के बीच राज्य में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। भीषण गर्मी और उमस के कारण सोमवार की रात पौने नौ बजे बिहार में बिजली की पीक डिमांड ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और यह ऐतिहासिक रूप से 8838 मेगावाट पर पहुंच गई। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिजली की खपत का यह नया आंकड़ा राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

पिछले साल के मुकाबले 86 मेगावाट अधिक रही मांग

लोड डिस्पैच सेंटर के डेटा के मुताबिक, सोमवार रात दर्ज की गई यह पीक डिमांड पिछले वर्ष की तुलना में 86 मेगावाट अधिक है। पिछले साल यानी जुलाई के महीने में बिहार की बिजली कंपनियों ने 8752 मेगावाट की पीक डिमांड दर्ज की थी, जो उस समय का रिकॉर्ड था। लेकिन इस बार गर्मी की शुरुआत में ही बिजली की खपत ने पिछले साल के मानसून सीजन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है, जो राज्य में बिजली के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।

मई महीने में भी लगातार टूटते रहे रिकॉर्ड

बिहार में बिजली की मांग में बढ़ोतरी का यह सिलसिला पिछले कुछ हफ्तों से लगातार जारी है। इससे पहले बीते मई महीने की 20 तारीख को राज्य में 8818 मेगावाट की मांग दर्ज की गई थी, जिसके ठीक चार दिन बाद यानी 24 मई को यह आंकड़ा बढ़कर 8822 मेगावाट तक पहुंच गया था। अब जून महीने में 8838 मेगावाट के नए आंकड़े ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में बिजली की जरूरत का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है।

ऊर्जा मंत्री का दावा: 9000 मेगावाट की मांग के लिए भी हम सक्षम

बिजली की इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के बीच ऊर्जा विभाग का अनुमान है कि जैसे-जैसे गर्मी और बढ़ेगी, बिजली की मांग का यह आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। हाल ही में विद्युत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने राज्यवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा था कि आने वाले समय में बिहार में बिजली की डिमांड 9000 मेगावाट तक जा सकती है और बिजली कंपनियां इस भारी मांग को भी बिना किसी बाधा के पूरा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

अगले 30 वर्षों की भविष्यवादी योजना पर काम जारी

राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए बिहार का ऊर्जा विभाग बेहद गंभीर है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार, विभाग केवल तात्कालिक मांग को पूरा करने पर ही ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि राज्य की बढ़ती आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगामी 30 वर्षों की दीर्घकालिक और वृहद कार्य योजना पर तेजी से काम कर रहा है ताकि आने वाले दशकों में भी बिहार पावर सरप्लस राज्य बना रहे।