69वीं BPSC बैच के अफसरों पर गाज: नीतीश सरकार का प्रचंड एक्शन, 69 अधिकारियों को बर्खास्तगी का नोटिस!

बिहार सरकार ने सामूहिक अवकाश लेने वाले 69वीं BPSC बैच के 69 राजस्व अधिकारियों को बर्खास्तगी का नोटिस दिया है। गया, रोहतास और मधुबनी सहित 24 जिलों में कार्रवाई। पूरी रिपोर्ट।

69वीं BPSC बैच के अफसरों पर गाज: नीतीश सरकार का प्रचंड एक्शन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार का नोटिस और अधिकारियों की फाइल।- फोटो : gemini

Patna  - : बिहार में सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अनुशासनहीनता के खिलाफ एक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए 69वीं बीपीएससी (BPSC) बैच के 69 परीक्ष्यमान (प्रोबेशन) राजस्व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर सामूहिक अवकाश और सरकारी कार्यक्रमों से अनधिकृत रूप से गायब रहने का गंभीर आरोप है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर इन अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सरकार के इस तेवर से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

सामूहिक अवकाश को माना 'अवैध', सेवा अवधि से भी कटेगा वक्त

विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश पूरी तरह अवैध है। सरकार ने इस अनुपस्थिति की अवधि को 'dies non' घोषित कर दिया है, जिसका अर्थ है कि यह समय उनकी सेवा अवधि (Service Period) में नहीं गिना जाएगा। आरोप है कि चेतावनी के बावजूद इन अधिकारियों ने 25 मार्च 2026 की शाम तक अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया, जिसे सरकारी आदेशों की खुली अवहेलना और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का सीधा उल्लंघन माना गया है।

24 जिलों में हड़कंप: गया, रोहतास और मधुबनी के अधिकारी रडार पर

स्पष्टीकरण मांगने की यह बड़ी कार्रवाई बिहार के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों पर हुई है। सबसे ज्यादा गाज गया, रोहतास और मधुबनी जिलों पर गिरी है:

  • गया: 08 अधिकारी

  • रोहतास: 07 अधिकारी

  • मधुबनी: 05 अधिकारी, इसके अलावा बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, वैशाली और जमुई में 4-4; सिवान, सीतामढ़ी और नालंदा में 3-3 अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। पटना, किशनगंज, पूर्णिया और अन्य जिलों के भी एक-एक अधिकारी इस कार्रवाई की जद में आए हैं।

  • 13 अप्रैल तक का अल्टीमेटम, वरना होगी 'एकतरफा' कार्रवाई

सरकार ने इन प्रशिक्षु अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 13 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि इस तारीख तक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि अधिकारियों को बचाव में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में विभाग बिना किसी और सूचना के एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा सकता है। यह कार्रवाई उन नए अधिकारियों के लिए एक बड़ा सबक है जो ट्रेनिंग के दौरान ही अनुशासन को ताक पर रख रहे हैं।

क्या नए अधिकारियों की मनमानी पर लगेगा लगाम?

राजस्व विभाग का यह एक्शन यह संदेश देता है कि सरकार अब 'वेट एंड वॉच' की नीति छोड़कर 'जीरो टॉलरेंस' पर काम कर रही है। प्रोबेशन पीरियड में होने के बावजूद सामूहिक अवकाश पर जाना और सरकारी कार्यों का बहिष्कार करना अधिकारियों को भारी पड़ गया है। अब सबकी नजरें 13 अप्रैल पर टिकी हैं कि क्या ये अधिकारी विभाग को संतुष्ट कर पाते हैं या बिहार प्रशासनिक इतिहास में प्रशिक्षु अधिकारियों की सामूहिक बर्खास्तगी का नया अध्याय जुड़ेगा।