Bihar Police Week 2026: खाकी के साथ कदम से कदम मिला रहा बिहार, कहीं पैडल की रफ्तार तो कहीं स्वच्छता की बहार
Bihar Police Week 2026:बिहार में आज 'खाकी' का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला।...
Bihar Police Week 2026: बिहार में आज खाकी का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। मौका है बिहार पुलिस सप्ताह 2026 का, जहाँ पुलिस ने न केवल अपराध पर नकेल कसने का वादा किया, बल्कि जन-जन से जुड़ने के लिए साइकिल, झाड़ू और पौधों को अपना हथियार बनाया।
पूर्णिया से लेकर चम्पारण और भोजपुर तक, पूरा सूबा पुलिसिया जज्बे और अवाम के जोश से सराबोर दिखा।पूर्णिया की सड़कों पर उतरा जन-सैलाब, IG और SP ने हुंकार भरी। सीमांचल के केंद्र पूर्णिया में आज सुबह का मंजर बेहद दिलचस्प था। पूर्णिया रेंज के IG डॉ. विवेकानंद और SP स्वीटी सेहरावत ने जब साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई, तो पूरा शहर साइकिल की घंटी की आवाज से गूंज उठा।इस रैली की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल पुलिस की वर्दी नहीं, बल्कि आम जनता का 'सिविल ड्रेस' भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा था। इस 'पैडल मार्च' का मकसद सेहत और सुरक्षा का पैगाम घर-घर पहुँचाना था।
बेतिया: उधर, पश्चिम चम्पारण में 22 से 27 फरवरी तक चलने वाले इस सप्ताह का आगाज स्वच्छता के साथ हुआ। बेतिया पुलिस ने आज दिखाया कि वे सिर्फ समाज की गंदगी ही नहीं, बल्कि सड़कों की धूल साफ करने में भी माहिर हैं।पुलिस केंद्र और कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।अनुमंडल से लेकर थाना स्तर तक के जांबाज अधिकारियों ने खुद झाड़ू थामकर स्वच्छता की शपथ ली।
भोजपुर: 'आधी आबादी' की गर्जना और हरियाली का संकल्पभोजपुर में पुलिस सप्ताह का आगाज बेहद 'प्रेरणादायक' रहा। SP महोदय ने पौधारोपण कर पर्यावरण की हिफाजत का संदेश दिया। लेकिन महफ़िल लूट ली महिला सिपाहियों की बाइक रैली ने। जब 'बुलेट' और बाइकों पर सवार महिला जवानों ने सड़कों पर फर्राटा भरा, तो हर कोई देखता रह गया।"यह केवल एक रैली नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सड़कों पर सुरक्षा का जीता-जागता सबूत था।
एक नज़र में बिहार पुलिस का यह मानवीय चेहरा बताता है कि जन-पुलिस मैत्री ही एक सुरक्षित समाज की बुनियाद है। 27 फरवरी तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में अभी कई और रंग देखने को मिलेंगे।
पूर्णिया से अंकित, बेतिया से आशीष, भोजपुर से आशीष की रिपोर्ट