Bihar IAS: UPSC में दो बार कमाल! पहले IPS बनीं दिव्या शक्ति, फिर 58वीं रैंक से हासिल किया IAS का सपना
Bihar IAS: IAS दिव्या शक्ति ने पहली कोशिश में UPSC में 79वीं रैंक हासिल कर IPS सेवा पाई और दूसरी कोशिश में 58वीं रैंक से IAS बनीं। अब उन्हें पटना में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है।
Bihar IAS: बिहार कैडर की 2022 बैच की IAS अधिकारी दिव्या शक्ति को सरकार ने नई जिम्मेदारी दी है। हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें पटना स्थित मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले वह कैमूर में DDC-सह-CEO की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
दिव्या शक्ति का नाम सिर्फ उनकी मौजूदा प्रशासनिक जिम्मेदारी की वजह से नहीं, बल्कि उनकी UPSC यात्रा के कारण भी चर्चा में रहता है। उन्होंने पहली ही कोशिश में सिविल सेवा परीक्षा पास कर 79वीं रैंक हासिल की और IPS बनीं। इसके बाद उन्होंने अपने लक्ष्य को और आगे बढ़ाते हुए दोबारा परीक्षा दी और दूसरी कोशिश में 58वीं रैंक के साथ IAS सेवा हासिल की।
पहली बार UPSC दिया तो मिली 79वीं रैंक
दिव्या शक्ति ने वर्ष 2019 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिस्सा लिया था। यह उनका पहला प्रयास था और इसी में उन्होंने ऑल इंडिया 79वीं रैंक हासिल कर ली। इस रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS के लिए चुना गया। पहली कोशिश में ही देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जगह बनाना बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन दिव्या शक्ति का लक्ष्य IAS बनना था और उन्होंने अपनी पहली सफलता को अंतिम मंजिल नहीं माना।
IPS बनने के बाद भी नहीं छोड़ा IAS का लक्ष्य
पहली परीक्षा में सफलता के बाद दिव्या शक्ति ने IPS की ट्रेनिंग शुरू की। इसके बावजूद उन्होंने IAS बनने की अपनी इच्छा को कायम रखा और एक बार फिर UPSC परीक्षा देने का फैसला किया। दूसरी बार परीक्षा देने का निर्णय इसलिए खास था क्योंकि उन्हें पहले ही एक प्रतिष्ठित सरकारी सेवा मिल चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य के लिए दोबारा मेहनत की और परीक्षा में शामिल हुईं।
दूसरी कोशिश में 58वीं रैंक से हासिल किया IAS
दिव्या शक्ति ने अपने दूसरे प्रयास में भी शानदार प्रदर्शन किया। इस बार उन्होंने ऑल इंडिया 58वीं रैंक हासिल की और IAS के लिए चयनित हुईं। उनकी यह यात्रा उन युवाओं के लिए खास मिसाल है, जो किसी एक सफलता के बाद रुकने के बजाय अपने बड़े लक्ष्य के लिए फिर से प्रयास करना चाहते हैं। पहली बार 79वीं रैंक से IPS और दूसरी बार 58वीं रैंक से IAS हासिल करना उनकी लगातार मेहनत को दिखाता है।
BITS Pilani से इंजीनियरिंग, अमेरिका में किया काम
दिव्या शक्ति की पढ़ाई भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने BITS Pilani से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके साथ उन्होंने अर्थशास्त्र में MSc की डिग्री भी हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने करीब दो साल अमेरिका की एक कंपनी में नौकरी की। कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा को अपना करियर बनाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी में जुट गईं।
दानापुर SDM से कैमूर DDC तक का सफर
IAS बनने के बाद दिव्या शक्ति को बिहार में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां मिलीं। उन्होंने दानापुर में SDM के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें कैमूर में DDC-सह-CEO की जिम्मेदारी दी गई। अब उनका तबादला पटना किया गया है, जहां वह मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त के पद पर काम करेंगी।
शराबबंदी से जुड़े काम की निगरानी होगी अहम जिम्मेदारी
बिहार में शराबबंदी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण नीतियों में शामिल है। ऐसे में उत्पाद आयुक्त के पद पर दिव्या शक्ति की जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है। नई भूमिका में उन्हें विभाग से जुड़े प्रशासनिक कामकाज, मद्य निषेध व्यवस्था और शराबबंदी से संबंधित मामलों की निगरानी करनी होगी। इस जिम्मेदारी में उनके प्रशासनिक अनुभव और फैसले लेने की क्षमता की भी परीक्षा होगी।
UPSC उम्मीदवारों के लिए क्या है उनकी कहानी का संदेश?
दिव्या शक्ति की UPSC यात्रा की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने सफलता मिलने के बाद भी अपने बड़े लक्ष्य को नहीं छोड़ा। पहली कोशिश में IPS मिलने के बावजूद उन्होंने IAS बनने के लिए दोबारा परीक्षा दी और पहले से बेहतर रैंक हासिल की। उनकी कहानी बताती है कि करियर में एक सफलता हासिल कर लेना जरूरी नहीं कि सफर का अंत हो। अगर लक्ष्य स्पष्ट है और उसे हासिल करने की इच्छा मजबूत है तो व्यक्ति अपनी उपलब्धि के बाद भी नई चुनौती स्वीकार कर सकता है।