डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु पर गिरी गाज, '5 वेतन वृद्धि' रोकने का दंड बरकरार; हाई कोर्ट के आदेश पर गृह विभाग का बड़ा फैसला

बिहार के डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु पर गृह विभाग की बड़ी कार्रवाई। अवैध वसूली गिरोह की मदद के आरोप में 5 वेतन वृद्धि रोकने का दंड बरकरार।

   डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु पर गिरी गाज, '5 वेतन वृद्धि' रो

Patna : अवैध वसूली गिरोह के आरोपी का बैंक खाता रिलीज करने और कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में घिरे पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार सुधांशु को बड़ा झटका लगा है। सरकार ने उनकी 5 वेतन वृद्धि रोकने के आदेश को यथावत रखा है।

अवैध वसूली गिरोह की मदद का है आरोप

मामला भागलपुर के कहलगांव का है, जहां तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनोज कुमार सुधांशु (संप्रति डीएसपी, यातायात, भोजपुर) पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर आरोप था कि झारखंड सीमा पर ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के सदस्य 'लालू मंडल' के फ्रीज किए गए बैंक खातों को उन्होंने जांच अधिकारी रहते हुए बिना किसी वरीय अधिकारी की अनुमति के रिलीज करा दिया था। इन खातों में 50 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा थी।

जांच में दोषी पाए गए अधिकारी

गृह विभाग की जांच में पाया गया कि श्री सुधांशु ने न केवल बैंक खाता रिलीज कराने में अनियमितता बरती, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान कुल 61 विशेष प्रतिवेदित कांड (Special Reported Cases) लंबित पाए गए। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी ने उन्हें इन आरोपों में पूर्ण रूप से दोषी पाया। इसके बाद बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति से उन पर कड़ा दंड अधिरोपित किया गया था।

हाई कोर्ट ने दिया आंशिक हस्तक्षेप का आदेश

सरकार के इस दंड के खिलाफ मनोज कुमार सुधांशु ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका (CWJC No. 4443/2023) दायर की थी। 13 जनवरी 2026 को सुनाए गए अपने फैसले में माननीय उच्च न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए "पांच (05) वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक" के दंड को सही ठहराया और उसे यथावत रखा। हालांकि, कोर्ट ने पदोन्नति पर पांच वर्षों की रोक संबंधी दंड को निरस्त कर दिया।

गृह विभाग ने जारी किया नया संकल्प

उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने नया संकल्प जारी किया है। सरकार के अवर सचिव रत्नेश कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के अनुसार, श्री सुधांशु के विरुद्ध पूर्व में निर्धारित पदोन्नति संबंधी रोक को रद्द कर दिया गया है, लेकिन वेतन वृद्धि रोकने का "वृहद दंड" जारी रहेगा।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

इस कार्रवाई के माध्यम से राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस महकमे में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक अपराधी की आर्थिक मदद करने और जांच में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी को अब भारी वित्तीय नुकसान उठाना होगा।