Bettiah Raj News: बिहार सरकार का 'सर्जिकल स्ट्राइक'! अब दूसरे राज्यों में भी चलेगा बुलडोजर, बेतिया राज की जमीन पर बड़ा फैसला
Bettiah Raj News: बिहार सरकार ने अब फैसला लिया है कि वो अन्य राज्यों में बेतिया राज की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराएगी। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं क
Bettiah Raj News: बिहार सरकार एक बार फिर बेतिया राज की जमीन को लेकर सख्त कदम उठाई है। नीतीश सरकार ने फैसला लिया है कि अब प्रदेश के बाहर स्थित संपत्तियों को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। यानि अब बिहार सरकार दूसरे राज्यों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएगी। यह कार्रवाई बेतिया राज के जमीन पर से अवैध कब्जा हटाने के लिए किया जा रहा है।
अब दूसरे राज्यों में भी चलेगा बुलडोजर
जानकारी अनुसार उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की योजना के तहत अब उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में फैली बेतिया राज की जमीन को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि कार्रवाई को तेज और प्रभावी बनाया जा सके।
सरकार ने नियुक्त किए विशेष अधिकारी
इस प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए सरकार ने विशेष अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश में स्थित इन संपत्तियों से जुड़े मामलों के लिए राजस्व परिषद के सचिव को विशेष अधिकारी नामित किया जाएगा, जिन्हें बिहार के विशेष पदाधिकारी के समान अधिकार दिए जाएंगे। अधिसूचना जारी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति या पक्ष को जमीन को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत राजस्व परिषद के सचिव के समक्ष आवेदन कर सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिभोगी जमीन अपने नाम करवाना चाहता है, तो उसे तय राशि जमा करनी होगी, जिसका निर्धारण संबंधित जिले के समाहर्ता (कलेक्टर) द्वारा किया जाएगा।
इन शहरों में है बेतिया राज की जमीन
यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को कानून के तहत बेदखल कर जमीन का कब्जा सरकार को सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि बेतिया राज की कुल 175.53 एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैली हुई है। इसमें प्रयागराज (इलाहाबाद) में 26.56 एकड़, गोरखपुर में 50.92 एकड़ और कुशीनगर में 69.59 एकड़ जमीन शामिल है। इसके अलावा बस्ती, अयोध्या (फैजाबाद), महाराजगंज, मिर्जापुर और वाराणसी में भी संपत्तियां मौजूद हैं। सरकार के इस फैसले को अतिक्रमण के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।