‘बिहार को पंजाब नहीं बनने दें’, सूखे नशे पर विधान परिषद में सत्ता-विपक्ष एकजुट, सम्राट सरकार से बड़ी मांग

नीरज कुमार ने कहा कि यदि बिहार की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना है तो सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने राज्य में एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग की

Bihar Dry Drug Crisis
Bihar Dry Drug Crisis- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार में शराबबंदी के बाद बढ़ते सूखे नशे के चलन और इसकी चपेट में आ रही युवा पीढ़ी को लेकर मंगलवार को बिहार विधान परिषद में सत्ता और विपक्ष के सदस्य एक सुर में नजर आए। सदस्यों ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर गंभीर चिंता जताते हुए इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की।


मामला परिषद में एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद राज्य में सूखे नशे का चलन लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और इससे जुड़े अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है। डॉ. अजय कुमार सिंह ने सूखे नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई से इस समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समाज और परिवारों को भी इसके खिलाफ जागरूक करना होगा।


‘15 से 25 वर्ष के युवाओं में बढ़ रहा अपराध’

जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध करने वालों की आयु का विश्लेषण करने पर हाल के दिनों में 15 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। उन्होंने इसके पीछे सूखे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को एक बड़ा कारण बताया। 


नीरज कुमार ने कहा कि यदि बिहार की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना है तो सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने राज्य में एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग की, ताकि गांव और पंचायत स्तर पर भी यदि कोई व्यक्ति सूखे नशे का सेवन या इसका कारोबार करता दिखाई दे तो लोग इसकी सूचना दे सकें।


उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार को पंजाब जैसी स्थिति से बचाना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब में सूखे नशे ने युवा पीढ़ी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बिहार को उस रास्ते पर जाने से रोकना होगा।


‘गांजा ही नहीं, प्रतिबंधित सुई भी उपलब्ध’

राजद के एमएलसी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने भी राज्य में नशे की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में केवल गांजा ही नहीं, बल्कि कई ऐसे नशीले पदार्थ और इंजेक्शन भी उपलब्ध हैं, जिन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उन्होंने सख्त कार्रवाई के साथ-साथ हेल्पलाइन, जनजागरूकता अभियान और गांव-गांव तक निगरानी की प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि बिहार की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।