बिहार की मुनाफे वाली सरकारी संस्था लाएगी अपना पहला IPO, बोर्ड ने दी मंजूरी, ऐसा करनेवाला बनेगा देश का पहला राज्य

बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) देश की पहली ऐसी सरकारी बिजली कंपनी बनने के लिए तैयार है, जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध होगी।

बिहार की मुनाफे वाली सरकारी संस्था लाएगी अपना पहला IPO, बोर्

Patna - बिहार की बिजली कंपनी BSPTCL ने शेयर बाजार की दुनिया में कदम रखने की औपचारिक घोषणा कर दी है। कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ (Initial Public Offering) लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह न केवल बिहार के लिए गर्व की बात है, बल्कि देश के ऊर्जा सेक्टर के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। 

बोर्ड से हरी झंडी और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में कंपनी ने आईपीओ के लिए आवश्यक सभी पात्रताएं पूरी कर ली हैं। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब मर्चेंट बैंकर और बुक रनिंग लीड मैनेजर की नियुक्ति के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। ये एजेंसियां कंपनी के वैल्यूएशन, कानूनी दस्तावेजों और निवेशकों के बीच मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभालेंगी। 

मुनाफे में कंपनी और निवेशकों का भरोसा

कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने बताया कि BSPTCL पिछले तीन वर्षों से लगातार मुनाफे में है, जो आईपीओ के लिए एक अनिवार्य शर्त है। लिस्टिंग की प्रक्रिया के दौरान थर्ड पार्टी ऑडिट के जरिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज और बिजनेस मॉडल की गहन जांच की जाएगी। इससे निवेशकों को पूरी पारदर्शिता मिलेगी और भविष्य में शेयरधारकों को डिविडेंड (लाभांश) मिलने की राह भी आसान होगी। 

बिहार के बिजली ढांचे को मिलेगी नई मजबूती

शेयर बाजार से जुटाई जाने वाली पूंजी का सीधा लाभ बिहार की जनता को मिलेगा। इस फंड का उपयोग नई ट्रांसमिशन लाइनों के बिछाने, पुराने ग्रिडों के आधुनिकीकरण और हाई कैपेसिटी सब-स्टेशनों की स्थापना में किया जाएगा। इससे न केवल बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद होगी, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर पावर आदि) को ग्रिड से जोड़ना भी सरल हो जाएगा। 

पेशेवर प्रबंधन और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, आईपीओ आने से कंपनी की राज्य सरकार पर वित्तीय निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस कदम से सरकारी बजट पर दबाव घटेगा और कंपनी में पेशेवर प्रबंधन (Professional Management) को बढ़ावा मिलेगा। सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी की जवाबदेही बढ़ेगी और वह वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य करेगी। 

निवेश के नक्शे पर चमकेगा बिहार

BSPTCL का यह कदम बिहार की आर्थिक छवि को बदलने वाला साबित हो सकता है। यह न केवल ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाएगा, बल्कि अन्य सरकारी उपक्रमों के लिए भी एक उदाहरण पेश करेगा। इस ऐतिहासिक पहल के साथ बिहार अब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिनकी सरकारी कंपनियां वैश्विक पूंजी बाजार में अपनी साख बना रही हैं।