खाद की कालाबाजारी पर बिहार सरकार का 'हंटर': 449 लाइसेंस रद्द, 115 पर दर्ज हुई FIR, कृषि मंत्री बोले—राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं

बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 449 लाइसेंस रद्द और 115 FIR दर्ज। राज्य में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

खाद की कालाबाजारी पर बिहार सरकार का 'हंटर': 449 लाइसेंस रद्द
रामकृपाल यादव ने लिया बड़ा एक्शन- फोटो : वंदना शर्मा

Patna - : बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने उर्वरक तस्करी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 115 प्राथमिकी दर्ज करने और 449 लाइसेंस रद्द करने की घोषणा की है

उर्वरक कालाबाजारी पर सरकार सख्त: 115 पर FIR

बिहार के कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने पटना में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अनियमितता बरतने वाले 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। सरकार की इस 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है।

लाइसेंस रद्द और उड़नदस्ता दल का गठन

कार्रवाई के विवरण देते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक कुल 449 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष 'उड़नदस्ता दल' का गठन किया गया है। यह दल सूचना मिलते ही संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पॉस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से मौजूद खाद का नियमित मिलान किया जाए।

राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

विपक्ष या अफवाहों पर विराम लगाते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार के किसी भी जिले में उर्वरक की किल्लत नहीं है। वर्तमान में राज्य के पास यूरिया (2.45 लाख मीट्रिक टन), डीएपी (1.46 लाख मीट्रिक टन) और एनपीके (2.05 लाख मीट्रिक टन) का विशाल भंडार मौजूद है। इसके अलावा एमओपी और एसएसपी की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि रबी और खरीफ सीजन में किसानों को परेशानी न हो।

सीमावर्ती इलाकों में तस्करी पर कड़ी नजर

नेपाल और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। कृषि मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के कोटे की खाद को अवैध रूप से सीमा पार जाने से रोकना है। इन इलाकों में नियमित निरीक्षण और सघन छापेमारी के आदेश दिए गए हैं।

किसानों के हित में प्रखंडवार आवंटन

कृषि विभाग को निर्देश दिया गया है कि उर्वरकों का वितरण प्रखंडवार आवश्यकता के आधार पर किया जाए। मंत्री ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उप-आवंटन में कोई विसंगति न हो। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रिपोर्ट - वंदना शर्मा