हैरान करने वाली खबर, बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही ने दिया इस्तीफा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था नियुक्त
पीके शाही को 16 जनवरी, 2023 को नीतीश कुमार ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किया था। लेकिन अब राज्य में भाजपा सरकार बनते ही शाही ने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है.
Bihar Advocate General : बिहार सरकार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही ने अपने पद से स्वतः त्यागपत्र दे दिया है। उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समय में महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त हुए थे। शाही ने अपना त्यागपत्र राज्य में भाजपा के सम्राट चौधरी के मुख्यमन्त्री बनने के कुछ सप्ताह बाद ही दे दिया। शाही ने राज्य के विधि पदाधिकारी व कई साल महाधिवक्ता का पद संभाला था।उन्होनें राज्य की राजनीति में भी सक्रिय रूप भाग लिया। उन्होनें नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप कार्य किया।
16 जनवरी, 2023 को नीतीश कुमार ने उन्हें राज्य सरकार के महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किया था। तत्कालीन महाधिवक्ता ललित किशोर के पद से त्यागपत्र देने के बाद प्रशांत कुमार शाही को महाधिवक्ता पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद से वे लगातार राज्य सरकार के सबसे बड़े विधि पदाधिकारी के रूप में सेवा देते रहे। अब राज्य सरकार पुनः महाधिवक्ता पद पर नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करेगी।
कौन हैं पीके शाही
उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से वकालत (LLB) की पढ़ाई की थी। वे बिहार के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे है। नीतीश कुमार के पहले कार्यकाल में उन्हें बिहार का महाधिवक्ता बनाया गया था। 2005 से 2010 के बीच नीतीश कुमार सरकार में महाधिवक्ता रहे। 2010 के बाद बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री बने। बाद में पर्यावरण और योजना जैसे विभागों की भी जिम्मेदारी संभाली। जनवरी 2023 में उन्हें दोबारा बिहार का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।
पी.के. शाही को बिहार में शिक्षा सुधार, कानूनी मामलों की गहरी समझ और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। वे उन चुनिंदा नेताओं में रहे हैं जिन्होंने राजनीति और कानून—दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।