Bihar News : बाहुबली विधायक अनंत सिंह 100 बार लैंड क्रूजर से उतरे नीचे, 200 गाड़ियों के साथ पहुंचे मोकामा, हज़ारों की भीड़ ने किया स्वागत
Bihar News : पटना से मोकामा जाने के दौरान समर्थकों ने बाहुबली विधायक अनंत सिंह का जोरदार स्वागत किया. इस दौरान अनंत सिंह लैंड क्रूजर से 100 बार नीचे उतरे......पढ़िए आगे
PATNA : दुलारचंद हत्याकांड में करीब 4 महीने से अधिक समय तक बेऊर जेल में बंद रहने के बाद पूर्व विधायक अनंत सिंह सोमवार को रिहा हो गए। रिहाई के बाद मंगलवार को वे पटना से अपने पैतृक गांव नदवां और चुनावी क्षेत्र मोकामा के लिए निकले। इस दौरान करीब 200 गाड़ियों के काफिले के साथ उनका जोरदार शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। रिहाई के बाद अनंत सिंह ने लखीसराय के बड़हिया स्थित प्रसिद्ध मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (शक्ति धाम) में माथा टेका और पूजा-अर्चना की।
समर्थकों ने जेसीबी से बरसाए फूल, 'शेर-ए-बिहार' के नारों से गूंजा इलाका
पटना से मोकामा के सफर के दौरान समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। अथमलगोला में समर्थकों ने उन्हें 'शेर-ए-बिहार' बताते हुए जमकर नारेबाजी की, वहीं पंडारक में समर्थकों ने जेसीबी मशीन से उन पर फूल बरसाए। रिहाई के बाद अपने क्षेत्र में पहुंचे बाहुबली नेता का स्वागत ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ किया गया। मोकामा बाजार में अनंत सिंह ने पैदल मार्च कर समर्थकों का अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "पटना से यहाँ तक आने में समर्थकों के प्यार के कारण 100 से ज्यादा बार गाड़ी से उतरना पड़ा है।"
कुलदेवी की पूजा और मंदिर निर्माण का संकल्प
अपने पैतृक गांव नदवां पहुंचने पर अनंत सिंह ने अपनी कुलदेवी की पूजा की। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने उनसे एक शिव मंदिर बनवाने का आग्रह किया, जिस पर उन्होंने तुरंत सहमति जताते हुए कहा, "एकदम बनवा देंगे।" इसके बाद उन्होंने मोकामा स्थित परशुराम मंदिर में भी विशेष आरती की। दिलचस्प बात यह रही कि मोकामा में वे पैदल चलकर सूरजभान सिंह के पेट्रोल पंप तक गए, जो कभी उनके धुर विरोधी रहे हैं और पिछली बार उनकी पत्नी वीणा देवी ने अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
141 दिन बाद मिली है राहत
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2025 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 1 नवंबर को पटना एसएसपी ने अनंत सिंह को उनके मोकामा आवास से गिरफ्तार किया था। 2 नवंबर से वे बेऊर जेल में बंद थे। करीब 141 दिनों बाद 20 मार्च को पटना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में जमानत दी, जिसके बाद सोमवार 23 मार्च को वे लैंड क्रूजर से जेल के बाहर आए।
"मुझे झूठे मामले में फंसाया गया"
जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि जिस समय दुलारचंद यादव की हत्या हुई, वे घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। फिलहाल, अनंत सिंह की रिहाई और इस भव्य शक्ति प्रदर्शन ने मोकामा और आसपास की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है।