Bihar News : UP और महाराष्ट्र के बाद बिहार में सबसे ज्यादा इंटरनेट यूजर, ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी की रफ्तार धीमी, 100 में महज 37 लोगों के पास कनेक्शन
Bihar News : देश में सबसे अधिक इंटरनेट सब्सक्राइबर उत्तर प्रदेश में है। यहां 14.64 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। जबकि महाराष्ट्र में 9.23 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर हैं। हालाँकि बिहार इस मामले में......
PATNA : देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या के मामले में बिहार 8.95 करोड़ सब्सक्राइबरों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। दूरसंचार विभाग (DoT) और संचार मंत्रालय की नवीनतम परफॉर्मेंस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश (14.64 करोड़) और महाराष्ट्र (9.23 करोड़) के बाद बिहार देश के कुल इंटरनेट उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा शेयर करता है। हालांकि, कुल सब्सक्राइबरों की इतनी बड़ी तादाद होने के बावजूद राज्य का डिजिटल ढांचा एक गंभीर विरोधाभास प्रस्तुत करता है।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राज्य में शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच डिजिटल विभाजन की खाई काफी गहरी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट घनत्व प्रति 100 लोगों पर 129 कनेक्शन है, यानी शहरों में औसतन एक व्यक्ति के पास एक से अधिक इंटरनेट सेवा मौजूद है। इसके विपरीत, ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा गिरकर प्रति 100 लोगों पर मात्र 37 कनेक्शन ही रह जाता है, जो गांवों में इंटरनेट की सीमित पहुंच को उजागर करता है।
प्रति व्यक्ति इंटरनेट घनत्व (Internet Density) के मामले में भी बिहार की स्थिति राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। जहां देश का राष्ट्रीय इंटरनेट घनत्व प्रति 100 लोगों पर 76.59 है, वहीं बिहार का कुल इंटरनेट घनत्व मात्र 51.65 दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से 24.94 कम है, जो यह दर्शाता है कि विशाल आबादी के अनुपात में राज्य में इंटरनेट धारकों का घनत्व अब भी तुलनात्मक रूप से बेहद कमजोर बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में इंटरनेट घनत्व कम रहने की मुख्य वजह राज्य की विशाल ग्रामीण आबादी है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता का अभाव, अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे नेटवर्क टावर व ऑप्टिकल फाइबर की कमी) और इंटरनेट सेवाओं की सीमित व्यावहारिक उपयोगिता इसके प्रमुख बाधक बने हुए हैं। हालांकि, कई टेलीकॉम ऑपरेटरों ने ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार की गति अभी धीमी है।
कुल मिलाकर, 8.95 करोड़ की बड़ी यूजर संख्या यह साबित करती है कि बिहार में डिजिटल बाजार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि, जब तक गांवों में टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत नहीं किया जाता और डिजिटल साक्षरता अभियानों में तेजी नहीं लाई जाती, तब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इस डिजिटल डिवाइड को पूरी तरह पाट पाना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।