सम्राट सरकार का बड़ा फैसला ! ट्रेनिंग पर जाएंगे बिहार के 11 आईएएस अधिकारी, दो डीएम भी शामिल
ट्रेनिंग के लिए चयनित अधिकारियों में 2015, 2016 और 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शामिल हैं। सभी अधिकारी 11 मई 2026 से 5 जून 2026 तक मसूरी के LBSNAA में प्रशिक्षण लेंगे.
IAS of Bihar : बिहार सरकार ने प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार 11 आईएएस अधिकारियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजने जा रही है। खास बात यह है कि इस सूची में दो जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं, जिससे इस पहल की अहमियत और बढ़ जाती है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये सभी अधिकारी 11 मई 2026 से 5 जून 2026 तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशसनिक अकादमी (LBSNAA) में आयोजित मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) फेज-III में हिस्सा लेंगे।
किन अधिकारियों को भेजा जा रहा है प्रशिक्षण पर
ट्रेनिंग के लिए चयनित अधिकारियों में 2015, 2016 और 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शामिल हैं। इसमें विनय कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), अपर सचिव, भवन निर्माण विभाग, अभय कुमार सिंह, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), अपर सचिव, सहकारिता विभाग, अमित कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), अपर सचिव, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, राशिद कलीम अंसारी, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), प्रशासनिक पदाधिकारी, सामान्य प्रशासन विभाग, विजय कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), अपर सचिव, शिक्षा विभाग, राजेश परिमल, भा.प्र.से. (बी एचः 2015), अपर सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय का नाम शामिल है।
वहीं दो जिलाधिकारी सहित कई अन्य आईएएस भी इस सूची में हैं. इसमें रिची पाण्डेय, भा.प्र.से. (बी एचः 2016), जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी, अंशुल कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2016), जिला पदाधिकारी, पूर्णिया, वैभव चौधरी, भा.प्र.से. (बी एचः 2016), अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, संजय कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2017), अपर सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, अभय झा, भा.प्र.से. (बी एचः 2017), अपर सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग भी मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में जाएंगे।
क्या है यह प्रशिक्षण कार्यक्रम
मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) आईएएस अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम होता है, जिसका उद्देश्य उन्हें बदलते प्रशासनिक और नीतिगत चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। इस दौरान अधिकारियों को नीति निर्माण, सुशासन, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रशासनिक मॉडल्स की गहन जानकारी दी जाती है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र के पत्र के आलोक में इन अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए नामित किया है।