अपहरण की फर्जी खबर फैलाने पर बड़ी कार्रवाई: फेसबुक अकाउंट संचालक के खिलाफ साइबर थाने में FIR दर्ज, पुलिस ने किया खुलासा
नवादा जिले में सोशल मीडिया पर अपहरण के वायरल के वीडियो का सच सामने आया है। वीडियो पूरी तरह से फेक मिला है। इसे लेकर जिस फेसबुक अकाउंट से इसे वायरल किया गया था उसके खिलाफ साइबर थाना में मामला दर्ज हुआ है....
Nawada : जिले में सोशल मीडिया के जरिए अपहरण जैसी सनसनीखेज और भ्रामक खबर फैलाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित जांच के बाद इस पूरी घटना का पर्दाफाश करते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को पूरी तरह से गलत संदर्भ और मनगढ़ंत दावों के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था, जिससे समाज में डर और भ्रम का माहौल पैदा हो सके।
अनिल यादव नामक फेसबुक अकाउंट से किया गया था भ्रामक पोस्ट
नवादा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान यह मामला पकड़ में आया। 'अनिल यादव' नामक फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया था, जिसमें एक युवती को बोलेरो वाहन में जबरन बैठाने का प्रयास करते हुए दिखाया गया था और एक बाइक सवार द्वारा उसे बचाने का दावा किया जा रहा था। इस वीडियो को बिहार में किसी नाबालिग के अपहरण और बरामदगी से जोड़कर सनसनी फैलाई जा रही थी।
पुलिस की तकनीकी जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा साइबर थाना पुलिस ने तुरंत इस वीडियो और पोस्ट की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में यह बात सामने आई कि यह वीडियो किसी अन्य मूल वीडियो का हिस्सा था, जिसे पूरी तरह से झूठे विवरण और भ्रामक दावों के साथ जोड़कर एक कथित अपहरण कांड का रूप दे दिया गया था ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके।
साइबर थाने में मामला दर्ज, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े तमाम डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है। इस मामले में भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचना प्रसारित करने वाले फेसबुक आईडी संचालक के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 106/26, दिनांक 06.11.2026 दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
नवादा पुलिस की आम जनता से अपील— सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें
इस घटना के बाद नवादा पुलिस ने प्रदेश के नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स से विशेष अपील की है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर या वीडियो सच नहीं होती। इसलिए किसी भी अपुष्ट, सनसनीखेज या गंभीर अपराध से जुड़ी सूचना को बिना आधिकारिक पुष्टि के शेयर या फॉरवर्ड करने से पूरी तरह बचें।