Bihar News:निजी नर्सिंग होम की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, स्टाफ और संचालक मौके से फरार, परिजनों ने आशा कार्यकर्ता पर गुमराह करने का लगाया आरोप
Bihar News: एक निजी नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने एक परिवार को शोक और गुस्से में डुबो दिया।...
Nalanda: जिले के बिंद थाना क्षेत्र में एक निजी नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने एक परिवार को शोक और गुस्से में डुबो दिया। बाजार स्थित 'ऊषा नर्सिंग होम' में प्रसव के दौरान हुई भूल-चूक से 19 वर्षीय सोनम कुमारी और उसके नवजात की मौत हो गई। मृतका खानपुर गांव निवासी सचिन कुमार की पत्नी थीं। घटना के बाद परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे और क्लीनिक का स्टाफ और संचालक मौके से फरार हो गया।
परिवार ने बताया कि सोनम सोमवार शाम प्रसव पीड़ा के साथ बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुई थीं। परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में ठीक से इलाज न होने का डर दिखाया और बेहतर सुविधा का झांसा देकर सोनम को पास के निजी नर्सिंग होम में भेजा। परिजनों ने उसकी बात मान ली।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कहकर 25 हजार रुपये जमा करवा लिए। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया, जिससे मां और बच्चा दोनों की मौत हो गई। अपनी लापरवाही छुपाने के लिए अस्पताल कर्मचारियों ने पटना रेफर करने का नाटक किया। करीब चार घंटे तक शव एंबुलेंस में घुमाया गया और पेट्रोल पंप पर एंबुलेंस भी बदली गई। जब परिजनों को शक हुआ, वे वापस क्लीनिक पहुंचे तो ताले लटके मिले और स्टाफ भाग चुका था।
बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर उमाकांत ने कहा कि आशा कार्यकर्ता की पहचान की जा रही है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी माना कि यह निजी क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा था और पहले भी नोटिस दिया गया था। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है और फरार संचालक की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। इस घटना ने नालंदा में निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में आशा और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति भरोसा अब झकझोर गया है।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय