Raksha Bandhan: राखी पेड़ को बांधी, हरियाली बचाने का लिया प्रण, मंत्री श्रवण कुमार बोले- एक पेड़, एक जिंदगी

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते की डोर को प्रकृति की हिफाजत से जोड़ते हुए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने अनूठी पहल की।...

Minister Shravan Kumar Ties Rakhi to Tree Vows to Save Green
'एक पेड़, एक जिंदगी'- फोटो : reporter

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते की डोर को प्रकृति की हिफाजत से जोड़ते हुए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने अनूठी पहल की। बिहारशरीफ के कारगिल पार्क में उन्होंने महोगनी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधकर उसकी हिफाजत का संकल्प लिया। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि जिस तरह बहन अपने भाई की सलामती और लंबी उम्र की दुआ करती है, उसी तरह आज समाज को पेड़-पौधों की रक्षा का प्रण लेना चाहिए। यही रक्षाबंधन की असली भावना है।

मंत्री श्रवण कुमार ने पौधे को राखी बांधने के बाद उसमें पानी भी डाला और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि “पर्यावरण ही जीवन है और एक पेड़ एक जिंदगी है।” पेड़ हमें ऑक्सीजन, छाया और फल देते हैं, इसलिए उनकी हिफाजत करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा फर्ज भी है।

मंत्री ने कहा कि हरित बिहार की सोच को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। पौधे को रक्षा सूत्र बांधने के साथ उन्होंने यह प्रण लिया कि जब तक यह पौधा विशाल वृक्ष का रूप नहीं ले लेता, तब तक वह और उनका परिवार इसकी पूरी देखभाल करेंगे।उन्होंने लोगों से अपील की कि रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते के साथ प्रकृति से भी अपना रिश्ता मजबूत करें। हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसे बच्चे या भाई की तरह पाल-पोसकर बड़ा करे। उनका कहना था कि समाज को प्लास्टिक मुक्त, नशा मुक्त और पेड़ युक्त बिहार बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करना होगा।

मंत्री श्रवण कुमार ने जल और हरियाली को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि “जल है तो जीवन है, हरियाली है तो खुशहाली है।” उन्होंने बिहार में हरित क्षेत्र को बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब बिहार की बागडोर संभाली गई थी, तब राज्य का हरित आवरण करीब 7 प्रतिशत था, जो बढ़कर अब करीब 19 प्रतिशत हो गया है।उन्होंने कहा कि बिहार के हरित आवरण को देश के औसत करीब 33 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए सिर्फ सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि हर बिहारवासी की भागीदारी जरूरी है।

श्रवण कुमार ने तेजी से बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य छोड़ना है तो पर्यावरण संरक्षण को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना होगा।उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने, माता-पिता और बच्चों के जन्मदिन जैसे खास मौकों पर एक पौधा जरूर लगाएं और सिर्फ पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।इस मौके पर प्रदेश सचिव गुलरेज अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष धनंजय प्रसाद कुशवाहा, जिला प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार, देव मुन्ना मांझी, ध्रुव प्रसाद, प्रो. आनंद वर्मा, संजय प्रसाद कुशवाहा, पुरुषोत्तम कुमार समेत वन विभाग के अधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे।रक्षाबंधन पर कारगिल पार्क में बंधी यह राखी महज एक पौधे की कलाई पर नहीं थी, बल्कि प्रकृति की हिफाजत और आने वाली नस्लों की जिंदगी बचाने का पैगाम भी थी।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय