Bihar News : मुजफ्फरपुर गोलीकांड को लेकर पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वी यादव, जदयू के 'कद्दावर' नेता पर साधा निशाना
Bihar News : मुजफ्फरपुर गोलीकांड को लेकर तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की. इस मौके पर उन्होंने जदयू के एक कद्दावर नेता पर जमकर निशाना साधा........पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को मुजफ्फरपुर के गायघाट पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस छापेमारी के दौरान मारे गए जगतवीर राय के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देने के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए जदयू के एक कद्दावर नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खुद को 'मुजफ्फरपुर का मुख्यमंत्री' समझने वाले एक नेता के संरक्षण में हत्यारा दरोगा छिपा बैठा है, जिसे पुलिस अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजे।
घटना का मुख्य केंद्र गायघाट थाना क्षेत्र का चोरनिया गांव है, जहां बीते दिनों पॉस्को एक्ट के एक आरोपी को पकड़ने गई पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान ग्रामीणों के आक्रोश के कारण कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी गाड़ियों को भी क्षति पहुँचाई गई। इसी हंगामे के बीच गोली लगने से स्थानीय निवासी जगतवीर राय की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों का सीधा आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने जानबूझकर जगतवीर राय की गोली मारकर हत्या की है।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का तर्क है कि भीड़ द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बाद आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी थी। मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर एफएसएल (FSL) की टीम बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारियों ने मामले की गहनता से पड़ताल की है और एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर रही है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए कहा कि पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदार नेताओं के संरक्षण के कारण ही आरोपी पुलिस अधिकारी पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला और दोषी दरोगा की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो राजद इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
फिलहाल, चोरनिया गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। पुलिस की विशेष टीम गठित होने और मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच चलने के बावजूद राजनीतिक सरगर्मी तेज है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या साक्ष्य पुलिस के 'आत्मरक्षा' वाले दावे की पुष्टि करते हैं या फिर तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए 'हत्या' के आरोपों में सच्चाई नजर आती है। पीड़ित परिवार और ग्रामीण अब भी इंसाफ की आस में स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
मणिभूषण की रिपोर्ट