Bihar News : दो साल से थाना बनते बनते नक्सल मुक्त जिला बन गया मुजफ्फरपुर, अब सामान्य थाने की तरह होगा काम, एसएसपी ने निरीक्षण कर दिए कई निर्देश
Bihar News : छः माह पहले जिस नक्सली थाने का उद्घाटन किया गया था. लेकिन अब यह सामान्य थानों की तरह काम करेगा.......पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। सदर थाना क्षेत्र के कच्ची पक्की में स्थित नवनिर्मित नक्सली थाना अब अपने मूल उद्देश्य से इतर एक 'सामान्य थाने' के रूप में कार्य करेगा। जिला प्रशासन ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि मुजफ्फरपुर अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुका है। बुधवार से इस थाने का विधिवत संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को पुलिस सहायता के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इस थाने की नींव करीब 12 साल पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रखी गई थी। वर्ष 2024 में जब मुजफ्फरपुर के कई इलाके नक्सली गतिविधियों से प्रभावित थे, तब मुख्यमंत्री ने इस विशेष थाने का शिलान्यास किया था। करीब छह महीने पहले इस थाने का आधुनिक भवन बनकर तैयार हो गया था। चूंकि अब जिले में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हो चुका है, इसलिए सरकार ने इस बुनियादी ढांचे का उपयोग आम जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए करने का फैसला किया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने मंगलवार को थाने के नवनिर्मित भवन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय, हाजत और पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में जो भी छोटी-मोटी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। SSP ने स्पष्ट किया कि कल से ही यहाँ पुलिस अधिकारियों और पर्याप्त पुलिस बल की नियुक्ति कर दी जाएगी, ताकि विधिवत कामकाज शुरू हो सके।
थाने के कार्यक्षेत्र को लेकर भी रूपरेखा स्पष्ट कर दी गई है। फिलहाल इस नए थाने के अधीन सदर थाना और मनियारी थाना क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ा गया है। इससे सदर और मनियारी थाने पर काम का बोझ कम होगा और पुलिस की पहुंच आम जनता तक अधिक प्रभावी होगी। पूरे कार्यक्षेत्र का एक विस्तृत प्रारूप तैयार कर राज्य के गृह विभाग को भेज दिया गया है, जहाँ से अंतिम अनुमति मिलते ही यह एक स्वतंत्र सामान्य थाने के रूप में अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगेगा।
इस बदलाव को मुजफ्फरपुर की बदलती कानून-व्यवस्था के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। जिस स्थान को कभी उग्रवाद से लड़ने के लिए चुना गया था, वहां अब सामान्य पुलिसिंग के जरिए चोरी, छिनतई और अन्य स्थानीय विवादों का निपटारा होगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि कच्ची पक्की और आसपास के क्षेत्रों में अब पुलिस की मौजूदगी 24 घंटे बनी रहेगी, जिससे अपराधियों के मनोबल पर लगाम लगेगी।
मणिभूषण की रिपोर्ट