मुजफ्फरपुर में कुदरत का कहर: भारी बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, आम और लीची की फसल को भारी नुकसान

मुजफ्फरपुर में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने लीची और आम की मंजरियों को भारी नुकसान पहुँचाया है।

मुजफ्फरपुर में कुदरत का कहर: भारी बारिश और ओलावृष्टि से जनजी

Muzaffarpur - बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में शुक्रवार की शाम मौसम ने अचानक करवट बदली। चिलचिलाती धूप के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से तापमान में तो गिरावट आई है, लेकिन यह बदलाव जिले के किसानों के लिए आफत बनकर आया है।

बारिश के साथ जमकर गिरे ओले


जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बारिश के साथ बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (Hailstorm) हुई है। कई जगहों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं (गति लगभग 40-50 किमी/घंटा) ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, वहीं तेज हवा के कारण कुछ जगहों पर पेड़ों की टहनियां और बिजली के तार गिरने की भी सूचना है।

आम और लीची की फसल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

मुजफ्फरपुर अपनी शाही लीची और आम के लिए विश्व विख्यात है, लेकिन इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ दी है। वर्तमान में आम और लीची के पेड़ों पर मंजरियां और छोटे फल आ चुके थे। ओले गिरने से ये मंजरियां टूटकर गिर गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर ओलावृष्टि इसी तरह जारी रही, तो इस साल लीची और आम के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

किसानों की बढ़ी चिंता, मुआवजे की मांग

खेतों में लगी रबी की फसलों के साथ-साथ फलों के राजा आम और लीची को हुए नुकसान से किसान बेहद मायूस हैं। बागवानों का मानना है कि ओलावृष्टि के कारण फलों में दाग लग जाएंगे और वे समय से पहले ही गिर जाएंगे। स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से फसल के नुकसान का आकलन (Survey) कराकर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

अगले कुछ घंटों के लिए चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने पहले ही जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था, जो अब सच साबित हो रहा है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक रुक-रुक कर बारिश और मेघ गर्जन की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों को वज्रपात (Lightning) से बचने के लिए पक्के मकानों में रहने और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

Report - mani bhushan sharma