Muzaffarpur Hospital fire: मुजफ्फरपुर प्रसाद नर्सिंग होम अग्निकांड, 7 मौतों के बाद जांच में बड़े खुलासे, अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
Muzaffarpur Hospital fire: मुजफ्फरपुर प्रसाद नर्सिंग होम अग्निकांड में 7 लोगों की मौत के बाद जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे हैं। अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी में लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
Muzaffarpur Hospital fire: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद नर्सिंग होम के पांचवें फ्लोर पर बने आईसीयू में 4 जून को लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस भीषण अग्निकांड में सात लोगों की जान चली गई, तब अग्निशमन विभाग ने ब्रह्मपुरा थाना पुलिस को आवेदन दिया। इसके बाद जो मामला दर्ज किया गया, उसमें गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश होते ही जमानत मिल गई। ऐसे में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कार्रवाई इतनी कमजोर क्यों रही कि आरोपियों को तुरंत राहत मिल गई।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कर रहे जांच
घटना के बाद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। अब हादसे के लगभग एक सप्ताह बाद इस टीम की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम के आदेश और स्वीकृत नक्शे का पालन नहीं किया और भवन का निर्माण नियमों के विपरीत कराया गया। इसके बाद नगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल की ओर से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में 7 लोगों की मौत
इस हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार के नेतृत्व में शहर के कई इलाकों में अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ लगातार छापेमारी की गई। इस दौरान कई ऐसे नर्सिंग होम को सील कर दिया गया, जो बिना आवश्यक मानकों के चल रहे थे या सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल
हालांकि इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल भी सामने आया है। लोग पूछ रहे हैं कि जिला प्रशासन ने यह कदम इतनी बड़ी घटना के बाद ही क्यों उठाया। क्या प्रशासन को पहले से जानकारी नहीं थी कि शहर में कई अवैध नर्सिंग होम चल रहे हैं या कई अस्पताल सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं? इससे पहले भी अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई हुई थी और कई संस्थानों को सील किया गया था। लेकिन कुछ समय बाद मामला शांत होते ही कई नर्सिंग होम फिर से पहले की तरह चलने लगे। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर सील किए गए नर्सिंग होम दोबारा किसकी अनुमति से संचालित होने लगे।
अस्पताल में आग लगने की घटना
अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद अग्निशमन विभाग भी लगातार पूरे जिले में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच कर रहा है। विभाग की टीम ने कई बहुमंजिला अस्पतालों और होटलों का निरीक्षण किया है और दर्जनों संस्थानों को नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि इन जगहों पर फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था।
मुजफ्फरपुर से मनीभूषण शर्मा की रिपोर्ट