मुजफ्फरपुर में नक्सल थाना का नया रोल, अब आम थाने की तरह करेगा काम, एसएसपी के निरीक्षण के बाद तैनात हुए अफसर
अब नक्सल गतिविधियों के बजाय एक सामान्य पुलिस थाने की तरह काम करेगा। वरीय पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण के बाद यहां अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है...
Muzaffarpur: जिले में करोड़ों की लागत से बना नवनिर्मित नक्सल थाना अब नए अंदाज में अपनी भूमिका निभाने जा रहा है। सदर थाना क्षेत्र के कच्ची पक्की इलाके में तैयार यह थाना अब नक्सल गतिविधियों के बजाय एक सामान्य पुलिस थाने की तरह काम करेगा। वरीय पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण के बाद यहां अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है और आज से यह थाना विधिवत रूप से अपना कामकाज शुरू कर रहा है।
मंगलवार की शाम कांतेस कुमार मिश्रा ने नवनिर्मित थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जो भी कमियां सामने आईं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
दरअसल इस नक्सल थाने की नींव वर्ष 2024 में रखी गई थी। इसका शिलान्यास नीतीश कुमार ने किया था। करीब छह महीने पहले यह भवन बनकर पूरी तरह तैयार हो गया था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। प्रशासन के अनुसार मुजफ्फरपुर जिला फिलहाल नक्सल गतिविधियों से मुक्त माना जा रहा है। यही वजह है कि इस थाने को अब सामान्य पुलिस थाने की तरह संचालित करने का फैसला लिया गया है।
एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने बताया कि फिलहाल इस थाने का कार्यक्षेत्र कुछ हिस्सों में सदर थाना और मनियारी थाना के इलाकों से जुड़ा रहेगा। हालांकि इसके पूर्ण कार्यक्षेत्र का प्रारूप तैयार कर गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद यह थाना अपने तय दायरे में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नए थाने के शुरू होने से इलाके में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और लोगों को पुलिस सेवा का बेहतर लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों में भी इस फैसले को लेकर उत्सुकता और उम्मीद देखी जा रही है कि अब इलाके में सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी पहले से ज्यादा प्रभावी होगी।
रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा