Bihar News : मुजफ्फरपुर में मिड-डे मील में 'महाघोटाला', 105 बच्चों पर 211 की हाजिरी; कांटी BDO ने स्कूल हेडमास्टर का रोका वेतन
Bihar News : मुजफ्फरपुर में मिड डे मील में महाघोटाला सामने आया है. जहाँ 105 बच्चों पर 211 की हाजिरी लगायी गयी है......पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : जिले के कांटी प्रखंड में सरकारी योजनाओं के बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है। कांटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) आनंद कुमार विभूति ने जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय बकटपुर का औचक निरीक्षण किया, तो वहां बच्चों के निवाले पर डाका डालने की घोर अनियमितता पकड़ी गई। स्कूल में कागजों पर बच्चों की संख्या दोगुनी दिखाकर मध्याहन भोजन (MDM) में भारी वित्तीय हेराफेरी की जा रही थी, जिस पर अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है।
निरीक्षण के दौरान स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई मिली। बीडीओ आनंद कुमार विभूति ने बताया कि विद्यालय के प्रभारी एचएम मनीष कुमार बीते 2 अप्रैल से ही बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी के स्कूल से गायब पाए गए। प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी के अचानक पहुँचने से स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया।
हाजिरी रजिस्टर और बच्चों की वास्तविक उपस्थिति की जांच में चौंकाने वाला अंतर सामने आया। स्कूल में भौतिक रूप से केवल 105 बच्चे उपस्थित थे, जबकि मध्याहन भोजन के रिकॉर्ड में 211 बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी गई थी। इतना ही नहीं, मध्याहन भोजन उपलब्ध कराने वाली एनजीओ द्वारा केवल दो कंटेनर भोजन भेजा गया था, जो बमुश्किल 100 बच्चों के लिए ही पर्याप्त था। यह स्पष्ट करता है कि बच्चों की झूठी संख्या दिखाकर सरकारी राशि का गबन किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ सह प्रभारी बीईओ ने तत्काल प्रभाव से स्कूल के एचएम मनीष कुमार और प्रभारी एचएम मीना कुमारी के वेतन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही, मध्याहन भोजन प्रभारी और भोजन आपूर्ति करने वाली एनजीओ के संचालक से भी स्पष्टीकरण (Show Cause) मांगा गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन पर कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई से प्रखंड के अन्य स्कूलों में भी खलबली मच गई है। आनंद कुमार विभूति ने साफ लहजे में कहा कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और जो भी शिक्षक या संस्थान अनियमितता में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
मणिभूषण की रिपोर्ट