Bihar Agriculture:कांटी विधायक अजीत कुमार ने किसानों को बांटे गरमा बीज, कृषि समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
कांटी विधानसभा के मड़वन में विधायक ई. अजीत कुमार ने गरमा बीज वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। 100 किसानों को मूंग, मक्का और अरंडी के उन्नत बीज दिए गए। कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती के गुर सिखाए।
मुजफ्फरपुर के कांटी विधानसभा अंतर्गत मड़वन प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। कांटी विधानसभा के मड़वन प्रखंड स्थित ई-किसान भवन में शुक्रवार को 'गरमा बीज वितरण' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि और क्षेत्रीय विधायक ई. अजीत कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी मिल सकी।
100 किसानों को मिले मूंग और मक्का के उन्नत बीज
इस विशेष शिविर के दौरान विधायक की उपस्थिति में क्षेत्र के लगभग 100 प्रगतिशील किसानों के बीच मूंग, अरंडी और मक्का के उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया गया। बीज वितरण का उद्देश्य गरमा मौसम (Garma Season) में किसानों को समय पर इनपुट उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र सरैया के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल की बुआई से लेकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने तक के आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी।

किसानों की समस्या का होगा प्राथमिकता पर समाधान
संबोधन के दौरान विधायक ई. अजीत कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके मुद्दों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि "किसानों को खाद, बीज या तकनीक की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।" विधायक ने जोर देकर कहा कि कृषि संबंधी हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा ताकि किसानों को अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिल सके और उन्हें किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में कृषि एवं प्रशासनिक विभाग का मजबूत समन्वय देखने को मिला। मौके पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक विनोद कुमार सिंह, बीएओ गिरीश कुमार, बीडीओ विनय कुमार और सीओ मुकेश कुमार सहित जदयू के कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। अंत में उपस्थित किसानों ने इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि ऐसे शिविरों से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह कार्यक्रम जेडीयू के जमीनी स्तर पर किसानों से जुड़ाव को दर्शाने वाला रहा।