Bihar News : मुजफ्फरपुर में एसएसपी का 'हंटर', क्राइम कंट्रोल नहीं हुआ तो नपेंगे थानेदार, अच्छा प्रदर्शन करने वाले होंगे पुरस्कृत
Bihar News : मुजफ्फरपुर में क्राइम कंट्रोल को लेकर एसएसपी ने कड़ी चेतावनी दी है. कहा की ऐसा नहीं हुआ तो थानेदार नपेंगे.......पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : जिले में बेलगाम होते अपराध पर नकेल कसने के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को जिले के सभी डीएसपी और थानेदारों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण 'क्राइम मीटिंग' में एसएसपी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन इलाकों में अपराध अनियंत्रित होगा, वहां के थानेदारों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।
एसएसपी ने बैठक के दौरान विशेष रूप से शराबबंदी और 'सूखा नशा' (ड्रग्स) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी करने वालों को चिह्नित कर उनकी धर-पकड़ के लिए विशेष अभियान चलाएं। एसएसपी ने जोर देकर कहा कि नशे के कारोबार पर लगाम कसने से ही छोटे और संगठित अपराधों में कमी आएगी, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्राइम मीटिंग के दौरान उन थानों की सूची भी खंगाली गई जहां आपराधिक ग्राफ बढ़ा हुआ है। एसएसपी ने पाया कि कई क्षेत्रों में आपराधिक घटनाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन दर्ज कांडों के निष्पादन (Investigation) की गति अत्यंत धीमी है। इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कई थानेदारों को 'शो-कॉज' (कारण बताओ नोटिस) जारी किया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि पुराने लंबित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द करें और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
सुरक्षा और जांच के अलावा, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने 'कम्युनिटी पुलिसिंग' पर भी बल दिया। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि थानों में आने वाले आम फरियादियों के साथ शालीन और मर्यादित व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच तभी सुधरेगी जब लोगों की शिकायतों पर त्वरित और न्यायपूर्ण कार्रवाई होगी। थानों में दलालों की मौजूदगी को खत्म करने और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने पर भी विशेष चर्चा की गई।
अंत में, एसएसपी ने सभी डीएसपी को अपने-अपने अनुमंडल में थानों की कार्यशैली की नियमित निगरानी करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस अब प्रो-एक्टिव मोड में रहेगी और गश्त (Patrolling) की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। मुजफ्फरपुर पुलिस की इस नई रणनीति से अपराधियों में खौफ पैदा करने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव जगाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह है कि एसएसपी की इस चेतावनी के बाद जिले की कानून व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
मणिभूषण की रिपोर्ट