Bihar News : मुजफ्फरपुर में टोल कर्मियों की गुंडागर्दी! बिना टोल पार किए मांगा टैक्स, विरोध करने पर स्वास्थ्य कर्मी के साथ की गाली गलौज, बेटे की जमकर की पिटाई

Bihar News : मुजफ्फरपुर के जारंग से शहर के तरफ आ रहे स्वास्थ्य कर्मी और उनके परिवार पर टॉल पर कर्मियों का कहर टूटा है. जहाँ स्वास्थ्य कर्मी के साथ गाली गलौज की गयी.....पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में टोल कर्मियों की गुंडागर्दी! बिना
टोल कर्मियों की गुंडागर्दी- फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद हैरान करने वाला और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मुजफ्फरपुर-दरभंगा मुख्य मार्ग पर स्थित मैठि टोल प्लाजा के समीप टोल टैक्स कर्मियों का एक परिवार पर कहर टूट पड़ा। दरअसल, एक स्वास्थ्य कर्मी अपने परिवार और बेटे के साथ गायघाट थाना क्षेत्र के जारंग से पुराने दरभंगा-मुजफ्फरपुर रोड होते हुए मुजफ्फरपुर शहर की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान टोल प्लाजा के कर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। जब स्वास्थ्य कर्मी ने रोकने का कारण पूछा, तो कर्मियों द्वारा टोल टैक्स के पैसों की मांग की जाने लगी। इस पर जब स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि "जब हमने आपके टोल को पार ही नहीं किया, तो हम टैक्स क्यों दें?" तो इतना सुनते ही टोल कर्मी आपे से बाहर हो गए और बीच सड़क पर गंदी-गंदी गालियां देने लगे।

गाड़ी से खींचकर बेटे को पीटा, महिलाओं से बदसलूकी का प्रयास

जिस समय टोल कर्मी स्वास्थ्य कर्मी को अपमानित कर रहे थे, उस समय उनकी पत्नी और बेटा गाड़ी के अंदर ही बैठे हुए थे। जब स्वास्थ्य कर्मी के पुत्र ने इस अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज का विरोध किया, तो दबंग टोल कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उन्होंने गाड़ी का दरवाजा खोलकर स्वास्थ्य कर्मी के पुत्र को जबरन बाहर खींच लिया और उसकी बेरहमी से जमकर पिटाई कर दी। पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि टोल कर्मियों ने गाड़ी में बैठी महिलाओं को भी जबरदस्ती नीचे उतारने का प्रयास किया। यही नहीं, मारपीट के दौरान दबंगों ने उनके पुत्र के गले से सोने की चेन भी छीन ली और फरार हो गए।

मौके पर पहुँची हाईवे पुलिस ने झाड़ा पल्ला, थाने जाने की दी नसीहत

इस खौफनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद हाईवे पुलिस मौके पर पहुँची जरूर, लेकिन उन्होंने पीड़ितों की मदद करने के बजाय अपना पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी ने पुलिस के सामने अपने और अपने परिवार के साथ हुई इस बर्बरता और ज्यादती का पूरा दर्द बयां किया, लेकिन हाईवे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया। इसके विपरीत, पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को थाने जाकर मामला दर्ज कराने का फरमान सुना दिया और चलते बने।

हाईवे पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए बड़े सवाल

हाईवे पुलिस के इस उदासीन रवैए के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर किसी नागरिक के साथ कोई अप्रिय घटना या लूटपाट होती है, और मौके पर पहुँची हाईवे पुलिस कार्रवाई करने के बदले पीड़ित को ही थाने जाने की नसीहत देती है, तो फिर सड़कों पर गश्त करने वाली इस हाईवे पुलिस का औचित्य क्या है? क्या हाईवे पुलिस केवल तमाशा देखने के लिए सड़कों पर तैनात रहती है?

स्थानीय थाना प्रभारी घटना से बेखबर, जांच की मांग

हद तो तब हो गई जब इस पूरे संगीन मामले को लेकर गायघाट थाना प्रभारी से बात की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी ही नहीं है। अब एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि जिस थाना क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात हो जाती है और हाईवे पुलिस तक मौके पर पहुँच जाती है, वहाँ के स्थानीय थाना अध्यक्ष को इसकी भनक तक नहीं होती। फिलहाल पीड़ित परिवार डरा-सहमा है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

मणिभूषण की रिपोर्ट