मुंगेर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, भारी मात्रा में हथियार और उपकरण के साथ चार गिरफ्तार

Bihar News : एसटीएफ (STF) और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर गंगा पार तारापुर दियारा क्षेत्र में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किये गये है.....

मुंगेर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, भारी मात्रा में हथिया

Munger : जिले में एक बार फिर अवैध हथियार निर्माण के बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। एसटीएफ (STF) और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर गंगा पार तारापुर दियारा क्षेत्र में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने हथियार तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस को काफी समय से इस दियारा इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद इस विशेष छापेमारी की योजना बनाई गई।


नाव के जरिए दियारा पहुँची टीम

ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम मनियारचक घाट से नाव के जरिए गंगा पार कर तारापुर दियारा के दुर्गम इलाके में पहुँची। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मिर्जापुर बरदह निवासी मोहम्मद सरफराज उर्फ लंगड़ा और मोहम्मद अतीक के साथ-साथ हरिणमार थाना क्षेत्र के रेता निवासी प्रकाश सिंह उर्फ प्रकाश बिंद और विकास कुमार शामिल हैं। ये सभी आरोपी अवैध रूप से हथियारों के निर्माण और उनकी असेंबलिंग में जुटे हुए थे।


भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से हथियारों का बड़ा जखीरा और उन्हें बनाने की मशीनें बरामद की हैं। जब्त किए गए सामानों में दो पूरी तरह तैयार पिस्टल, तीन अर्धनिर्मित पिस्टल और सात जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री चलाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चार बेस मशीन, एक हैंड ड्रिल मशीन और भारी मात्रा में हथियार बनाने के छोटे-बड़े उपकरण व औजार भी पुलिस के हाथ लगे हैं। बरामदगी से स्पष्ट है कि यहाँ बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई की तैयारी चल रही थी।


मुफस्सिल थाने में केस दर्ज

मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने बरामद हथियारों और उपकरणों को जब्त कर लिया है। सभी चारों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इन अपराधियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है।


पुलिस तलाश रही है मास्टरमाइंड के तार

फिलहाल मुंगेर पुलिस और एसटीएफ की टीमें इस अवैध फैक्ट्री के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों की खेप कहां सप्लाई की जानी थी और इस धंधे का मुख्य सरगना कौन है। जांच के केंद्र में यह भी है कि इन आरोपियों को कच्चा माल और तकनीकी सहायता कहां से मिल रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और खरीदारों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


मो. इम्तियाज खान की रिपोर्ट