मुंगेर के जमालपुर में बारिश के बाद फूटा काली पहाड़ी का झरना, ककोलत और दार्जिलिंग जैसा मनमोहक नजारा
पिछले एक सप्ताह से हो रही रुक-रुककर बारिश के बाद मुंगेर के जमालपुर स्थित प्रसिद्ध काली पहाड़ी की गोद से निकला प्राकृतिक झरना इन दिनों लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है....
Munger : जिले के जमालपुर स्थित प्रसिद्ध काली पहाड़ी की खूबसूरती में बारिश ने चार चांद लगा दिए हैं। पिछले एक सप्ताह से हो रही रुक-रुककर बारिश के बाद पहाड़ी की गोद से निकला प्राकृतिक झरना इन दिनों लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इस पल का वर्षों से इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों के अलावा अब केवल मुंगेर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग इस अद्भुत प्राकृतिक झरने का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
दूधिया धार और हरियाली के बीच दिखा ककोलत और दार्जिलिंग जैसा नजारा
काली पहाड़ी की ऊंची हरी-भरी पहाड़ियों और विशाल चट्टानों के बीच से तेज रफ्तार में नीचे गिरती पानी की दूधिया धार का दृश्य बेहद मनमोहक लग रहा है। चारों तरफ फैली मनभावन हरियाली और झरने की कल-कल करती सुरीली आवाज यहां आने वाले हर सैलानी को अपनी ओर खींच रही है। पहाड़ी का यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो नवादा का प्रसिद्ध ककोलत झरना या दार्जिलिंग का पहाड़ी नजारा खुद जमालपुर की धरती पर उतर आया हो।
छुट्टियों के दिन बना पिकनिक स्पॉट, रील्स और सेल्फी का दिखा क्रेज
झरने के दोबारा शुरू होने की खबर फैलते ही रोजाना भारी संख्या में लोग यहां उमड़ रहे हैं। विशेषकर छुट्टी के दिनों में तो काली पहाड़ी पर मेले और पिकनिक जैसा खुशनुमा माहौल देखने को मिल रहा है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ पहुंचकर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। वहीं, युवाओं की टोली झरने के ठंडे पानी में नहाने, सेल्फी खींचने और सोशल मीडिया के लिए वीडियो-रील बनाने में जुटी हुई है।
इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की उठी मांग
स्थानीय निवासियों और प्रकृति प्रेमियों का कहना है कि यह प्राकृतिक उपहार क्षेत्र के लिए बेहद खास है। स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और बिहार पर्यटन विभाग से इस सुंदर क्षेत्र के विकास की ओर विशेष ध्यान देने की मांग की है। लोगों का मानना है कि यदि इस जगह की घेराबंदी, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाए, तो काली पहाड़ी मुंगेर जिले का एक बेहतरीन इको-टूरिज्म केंद्र बन सकता है।
पर्यटन के नक्शे पर पहचान मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
काली पहाड़ी को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलने से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि मुंगेर के पर्यटन मानचित्र को भी नई मजबूती मिलेगी। यदि प्रशासन और पर्यटन विभाग यहां पर्यटकों की सुरक्षा, पहुंच पथ और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम करता है, तो आने वाले समय में यह स्थान पूरे बिहार के प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स में शुमार हो जाएगा।
इम्तियाज की रिपोर्ट